फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   India to host global landslide conference for first time experts from over 75 countries to participate in Fari

भारत पहली बार करेगा वैश्विक भूस्खलन सम्मेलन की मेजबानी, फरीदाबाद में 75 से अधिक देशों के विशेषज्ञ होंगे शामिल

Fri, 30 Oct 2026 03:43 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 30 Oct 2026 03:43 PM IST
सार

भूस्खलन की निगरानी को मजबूत करना पूर्व चेतावनी प्रणालियों में सुधार लाना और सुरक्षित समुदायों का निर्माण करना उन प्रमुख विषयों में शामिल होंगे जिन पर भारत में पहली बार आयोजित होने वाले वर्ल्ड लैंडस्लाइड फोरम के सातवें संस्करण में चर्चा की जाएगी।

विज्ञापन
India to host global landslide conference for first time experts from over 75 countries to participate in Fari
वैश्विक भूस्खलन सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भूस्खलन की निगरानी को मजबूत करना पूर्व चेतावनी प्रणालियों में सुधार लाना और सुरक्षित समुदायों का निर्माण करना उन प्रमुख विषयों में शामिल होंगे जिन पर भारत में पहली बार आयोजित होने वाले वर्ल्ड लैंडस्लाइड फोरम के सातवें संस्करण में चर्चा की जाएगी। यह वैश्विक सम्मेलन 23 से 27 नवंबर तक फरीदाबाद में आयोजित होगा जिसकी मेजबानी अमृता विश्व विद्यापीठम करेगी। इसमें 75 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,900 से ज्यादा लेखकों के भाग लेने की उम्मीद है।

विज्ञापन


इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑन लैंडस्लाइड्स (आईसीएल) के तत्वावधान में आयोजित यह फोरम वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, क्षेत्रीय विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं को भूस्खलन से होने वाली आपदाओं के जोखिम को कम करने के उपायों पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगा। भारत में पहली बार इस आयोजन के होने से अनुसंधान के निष्कर्ष साझा करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन


अमृता विश्व विद्यापीठम वर्ष 2006 से भूस्खलन संबंधी अनुसंधान पर काम कर रहा है। इसके शोध कार्यक्रम में भूस्खलन का पता लगाने, निगरानी करने और समय रहते चेतावनी जारी करने वाली प्रणालियों के विकास पर ध्यान दिया जाता है। इसमें गहरी धरती की निगरानी करने वाली तकनीकों, वायरलेस सेंसर नेटवर्क, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग को जमीनी स्तर पर तैनाती तथा समुदाय-आधारित जोखिम संचार के साथ जोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वविद्यालय ने केरल के मुन्नार में वायरलेस सेंसर नेटवर्क तैनात किए और इसके बाद एआई-आधारित आईओटी प्रणाली विकसित की। भारत सरकार के अनुरोध पर इसी तरह की प्रणाली सिक्किम में भी तैनात की गई। विश्वविद्यालय के अनुसार, उसकी निगरानी और पूर्व चेतावनी संबंधी गतिविधियों में 300 से अधिक सेंसर शामिल हैं। इसके शोधकर्ता देशभर में भूस्खलन प्रभावित 70 से अधिक स्थलों का दौरा भी कर चुके हैं। अमृता विश्व विद्यापीठम की प्रो-वाइस चांसलर और अमृता सेंटर फॉर वायरलेस नेटवर्क्स एंड एप्लिकेशंस की निदेशक डॉ. मनीषा वी. रमेश ने कहा कि यह फोरम वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक कार्रवाई से जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा भूस्खलन विज्ञान में होने वाली हर प्रगति का अंतिम उद्देश्य किसी की जान, घर या आजीविका की रक्षा करना होना चाहिए।

डॉ. रमेश ने कहा कि भारत में इस आयोजन की मेजबानी से शोधकर्ताओं, सरकारों, उद्योग जगत, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदायों को एक साथ आने, ज्ञान साझा करने तथा भूस्खलन के जोखिम को कम करने के लिए सहयोग मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

“सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी समुदायों के लिए भूस्खलन विज्ञान एवं व्यवहार” विषय पर आधारित इस फोरम का उद्देश्य वैज्ञानिक समझ को आपदा की तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण के व्यावहारिक उपायों से जोड़ना है। सत्रों में रिमोट सेंसिंग, निगरानी एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली, खतरे की मैपिंग, जोखिम आकलन और जोखिम कम करने के उपायों पर चर्चा होगी।


22 नवंबर को आयोजित होने वाली प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाओं में भूस्खलन के अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उपग्रह-आधारित निगरानी, सेंटिनल-1 और निसार (NISAR), इंटरफेरोमेट्रिक सिंथेटिक अपर्चर रडार (InSAR), डिजिटल ट्विन और जियोस्पेशियल मॉडलिंग जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अमृता के भूस्खलन अनुसंधान कार्यक्रम को भूस्खलन आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में लगातार तीन अवधियों—2017–2020, 2020–2023 और 2023–2026—के लिए वर्ल्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मान्यता दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed