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दिल्ली : हौजकाजी में अवैध अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा
Sat, 02 Oct 2021 06:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 06:47 AM IST
सार
पुलिस ने सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं करीब एक करोड़ से अधिक के उपकरण लैपटॉप, आईबीएम सिप सर्वर, एचपी सिप सर्वर, छह राउटर, सिप ट्रंक डिवाइस, एक ओटीवी बॉक्स, राउटर पैच बॉक्स, बैटरी और एक यूपीएस बरामद किया है।
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य जिले की साइबर सेल ने हौजकाजी इलाके में अवैध रूप से चल रहे अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है। पुलिस ने सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं करीब एक करोड़ से अधिक के उपकरण लैपटॉप, आईबीएम सिप सर्वर, एचपी सिप सर्वर, छह राउटर, सिप ट्रंक डिवाइस, एक ओटीवी बॉक्स, राउटर पैच बॉक्स, बैटरी और एक यूपीएस बरामद किया है। आरोपी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय गेट-वे को दरकिनार कर विदेशों में रहने वाले लोगों की कॉल पर बात करवाते थे। जिससे भारत सरकार को 103 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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जिला पुलिस उपायुक्त स्वेता चौहान ने बताया कि दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई कि चुड़ीवालान, चावड़ी बाजार में जुल्फिकार अली नाम का व्यक्ति अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा है। वह संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और कई देशों से भारतीय टेलीफोन/मोबाइल नंबरों पर अवैध रूप से कॉल करवाता है।
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जिले के स्पेशल स्टाफ ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर छापा मारा। वहां से मिले दस्तावेज के जरिये पता चला कि उसने अदीबा एंटरप्राइजेज के नाम से चूड़ीवालान स्थित परिसर में 26 नवंबर, 2020 को कनेक्शन लिया था। परिसर पर इमरान नाम के उसके रिश्तेदार का कब्जा है। पुलिस ने 6 फरवरी, 2021 को इमरान को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी से हौजकाजी में चल रहे अवैध सर्वर का पता चला। जांच की जिम्मेदारी साइबर सेल को सौंपी गई। 29 सितंबर को एक अन्य आरोपी सीलमपुर निवासी मोहम्मद इरफान को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसने साफ्टवेयर स्थापित किया था। जिससे स्थानीय नंबरों पर अंतरराष्ट्रीय कॉल की जाती थी। उसकी निशानदेही पर सीताराम बाजार निवासी जुल्फिकार गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने सीताराम बाजार निवासी इरफान और जुल्फिकार के बेटे अरीब को गिरफ्तार कर लिया।
नहीं आता था कॉलर का नंबर
जांच में पता चला कि अरोपियों ने एसआईपी ट्रंक, इंटरनेट और सर्वर आधारित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर अवैध अंतरराष्ट्रीय जीएसएम टर्मिनेशन एक्सचेंज स्थापित किया था। एक्सचेंज भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के कानूनी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय गेट-वे को दरकिनार कर भारत में विदेशी कॉलों को अवैध रूप से समाप्त कर देता था। विदेशों से कॉल करने वालों का नंबर न आकर एक्सचेंज के लिए गए भारतीय नंबर प्रदर्शित होते थे।
खाड़ी देशों के आती थीं ज्यादातर कॉल
जांच में पता चला कि एक्सचेंज में ज्यादातर कॉल खाड़ी देशों से आती थीं। विदेशी कॉल इंटरनेट के माध्यम से आती थीं और भारतीय टेलीफोन/मोबाइल नंबरों में बदल दी जाती थीं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ऐसी कॉल पर निगरानी रख पाना संभव नहीं हो रहा था। घटनास्थल पर एक लैपटॉप इंटरनेट के माध्यम से जुड़ा था, जिस पर रिमोट शेयरिंग के लिए ऐप इंस्टॉल और चालू किए गए थे। उनके सेटअप से बड़ी संख्या में आउटगोइंग कॉल भारतीय टेलीफोन/मोबाइल नंबरों (लगभग 1,47,000 कॉल प्रति दिन और कॉल अवधि लगभग 14,400 घंटे प्रति दिन कॉलर लाइन आइडेंटिटी (सीएलआई नंबर) +91-1135035487 से पाए गए। वहीं सीएलआई नंबर +91-1135041003 के माध्यम से प्रति दिन लगभग 13,000 घंटे की अवधि तक कॉल की गई थी। अंतरराष्ट्रीय कॉल केवल डीओटी लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों के माध्यम से भारत में समाप्त की जा सकती है।
मुंबई में सीखी तकनीकी
मास्टर माइंड मोहम्मद इरफान 2017-18 मेें वह मुंबई गया था। जहां उसकी मुलाकात अलीगढ़ निवासी अजीम से हुई। अजीम ने ही उसे तकनीकी सिखाई। उसने अजीम के साथ मिलकर मुंबई में एक छोटा एक्सचेंज स्थापित किया। लेकिन मुंबई पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस ने छापा मारकर उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद वह भागकर दिल्ली आ गया।