फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   igst provision on gifts from oversease challanged before high court

विदेश से उपहार में मिले आक्सीजन कंसंट्रेटर के आयात पर टैक्स को चुनौती

Sat, 08 May 2021 12:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 12:01 AM IST
विज्ञापन
igst provision on gifts from oversease challanged before high court
नई दिल्ली। विदेशों से व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए उपहार में मिले आक्सीजन कंसंट्रेटर के आयात पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) लगाने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोरोना से संक्रमित 85 वर्षीय बुजुर्ग ने आक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरण पर पर 12 फीसदी टैक्स को गैरकानूनी बताया है। अदालत ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति राजीव शकधर व न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की खंडपीठ ने फिलहाल अपने अंतरिम आदेश में याची को आईजीएसटी की रकम कोर्ट में जमा कराने की शर्त पर कस्टम विभाग को अमेरिका से आए उनका आक्सीजन कंसंट्रेटर छोड़ने का कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में फैसला याची के हक में आएगा तो उन्हें यह रकम वापस कर दी जाएगी अन्यथा राशि सरकार के खजाने में जमा करवा दी जाएगी।
विज्ञापन

इतना ही नहीं खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार को इस मामले में कानूनी सुझाव देने के लिए न्याय मित्र नियुक्त किया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 18 मई तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर नंदराजोग ने तर्क रखा कि कोरोना महामारी के दौरान आवश्यक उपकरण पहले ही कम हैं। ऐसे में आक्सीजन कंसंट्रेटर पर आईजीएसटी वसूलना पूरी तरह से अनुचित है। याची ने कहा कि उनके भतीजे ने अमेरिका से उनके लिए एक आक्सीजन कंसंट्रेटर उनकी सेहत में सुधार के लिए उपहार के रूप में भेजा है। सरकार इस उपहार पर भी 12 फीसदी आईजीएसटी वसूल रही है।
उन्होंने याचिका में वित्त मंत्रालय द्वारा एक मई को जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। इस अधिसूचना के तहत सरकार ने कहा है कि व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात किए जाने वाले ऐसे आक्सीजन कंसंट्रेटर पर 12 फीसदी की दर से आईजीएसटी लिया जाएगा, भले ही वह उपकरण उपहार के रूप में ही क्यों न आए हों।

याची के अधिवक्ता ने कहा कि मंत्रालय द्वारा सोमवार को एक और अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया कि यदि कोई इसे दान में दे रहा है, तो उसे आईजीएसटी से छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि एक मई को जारी अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। इससे कोरोना महामारी के दौरान रोगियों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन होता है। उन्होंने कहा है कि पहले से ही कोरोना संक्रमण के बढ़ोतरी की वजह से आक्सीजन कंसंट्रेटर की काफी कमी है, ऐसे में परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को स्वयं छूट प्रदान करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed