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IGI Airport : अक्षय ऊर्जा से संचालित पहला एयरपोर्ट बना आईजीआई, अब ई-वाहनों की ओर रुख
Thu, 23 Jun 2022 04:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 23 Jun 2022 04:51 AM IST
सार
हवाईअड्डे की कुल बिजली की छह फीसदी ऊर्जा एयरसाइड और कार्गो टर्मिनलों की छतों पर लगे सोलर पैनल से होती है। वहीं, जल ऊर्जा से शेष 94 फीसदी बिजली मिल रही है। इससे आईजीआई पर सालाना दो लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा।
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सौर ऊर्जा file pic
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट अक्षय ऊर्जा से जरूरतें पूरी करने वाला देश का पहला हवाईअड्डा बन गया है। यहां एक जून से केवल जल-सौर ऊर्जा इस्तेमाल की जा रही है। यह एयरपोर्ट पर 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य पाने की दिशा में बड़ा कदम है।
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हवाईअड्डे की कुल बिजली की छह फीसदी ऊर्जा एयरसाइड और कार्गो टर्मिनलों की छतों पर लगे सोलर पैनल से होती है। वहीं, जल ऊर्जा से शेष 94 फीसदी बिजली मिल रही है। इससे आईजीआई पर सालाना दो लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। इसके लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. व जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
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परिवहन बेड़े में शामिल किए जाएंगे 62 इलेक्ट्रिक वाहन
हरित परिवहन कार्यक्रम के तहत चरणबद्ध तरीके से डीजल और पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता खत्म की जाएगी। पहले चरण में 62 इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे, जिन्हें अगले 3-4 महीनों में बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।
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- पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ 14001:2015 प्रमाणपत्रों के साथ प्रमाणित है। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 90 लाख लीटर स्टोरेज टैंक सहित एकल उपयोग वाले प्लास्टिक मुक्त हवाई अड्डा बनने की दिशा में पहल की गई है।