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Hindi News ›   Delhi ›   High Court made it clear: If the information of the complaint is given to the media, then it is not in the category of defamation.

हाईकोर्ट ने किया साफ : शिकायत की जानकारी यदि मीडिया को दी जाती है तो ये मानहानि की श्रेणी में नहीं 

Sun, 17 Oct 2021 03:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 17 Oct 2021 03:38 AM IST
सार

इसी आधार पर अदालत ने रायगढ़ की महिला की याचिका खारिज कर दी।  

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High Court made it clear: If the information of the complaint is given to the media, then it is not in the category of defamation.
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI

विस्तार

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा पुलिस को दी शिकायत की जानकारी यदि मीडिया को दी जाती है तो यह आपराधिक मानहानि की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए रायगढ़ की एक महिला की 40 लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने की मांग को खारिज कर दिया। 

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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने तारिका तरंगनी लकरा द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। निचली अदालत ने अधिकार क्षेत्र व तथ्यों के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था।
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न्यायमूर्ति गुप्ता ने कहा कि महिला ने इन सभी लोगों के खिलाफ रायगढ़ छत्तीसगढ़ के एसएसपी को शिकायत दी थी। यह मामला अभी रायगढ़ में विचाराधीन है। वहीं महिला ने इन 40 लोगों के खिलाफ इस आधार पर मुकदमे की मांग की है कि इन्होंने एसएसपी को शिकायत देने के बाद एसएसपी कार्यालय के बाहर संवाददाता सम्मेलन कर मीडिया को शिकायत की जानकारी दी। 
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महिला ने दावा किया था कि वह सामाजिक कार्यकर्ता है और ग्रामीणों के हक के लिए लड़ रही है। वहीं प्रतिवादी बनाए गए लोग गैरकानूनी तरीके से उसके फार्म हाउस पर कब्जा करना चाहते हैं। इन लोगों ने उसके फार्म हाउस में जबरन घुस कर छेड़छाड़ की और उसकी जाति को लेकर टिप्पणियां कीं। समाचार पत्रों में उस पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाकर उसकी प्रतिष्ठा खराब की है।


ऐसे में सभी के खिलाफ मानहानि, छेड़छाड़ व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। याची ने तर्क रखा कि इनका कार्यालय दिल्ली में है और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में दिल्ली में आरोप दिखाए गए हैं। ऐसे में दिल्ली में मुकदमा चलाया जा सकता है।

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