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पीएम केयर्स फंड को ‘राज्य’ का घोषित करने की मांग पर जवाब तलब

Tue, 17 Aug 2021 11:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 11:55 PM IST
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high court issues notice to center over pm cares fund
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत पीएम केयर्स फंड को ‘राज्य’ का घोषित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को इस मामले में एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने मामले की सुनवाई 13 सितंबर तय की है। याचिकाकर्ता सम्यक गंगवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने तर्क रखा कि सार्वजनिक और स्थायी कोष में अस्पष्टता चिंता का विषय है।
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अधिवक्ता दीवान ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में फंड के दुरुपयोग का आरोप नहीं लगा रहा है लेकिन भविष्य में भ्रष्टाचार, दुरुपयोग के आरोपों से बचने के लिए याचिका पर सुनवाई जरूरी है। उन्होंने कहा पीएम केयर्स फंड एक संवैधानिक पदाधिकारी के नाम से चलता है जो संविधान में निहित सिद्धांतों के तहत जवाबदेही से बच नहीं सकता। वह न ही संविधान से बाहर समझौता कर सकता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि क्या वे सबसे ऊंचे हैं, कानून सबसे ऊपर है।
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उन्होंने कहा कि सभी संवैधानिक पदाधिकारी संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं। एक संवैधानिक पदाधिकारी के संविधानिक कर्तव्यों से बचने का एकमात्र तरीका है कि अपना पद त्याग करके निजी क्षेत्र में काम करने लगे। इसलिए उन्होंने पीएम केयर फंड को ‘राज्य’ के फंड के रूप में घोषित करने की मांग की।
उन्होंने कहा यदि न्यायालय को यह विश्वास नहीं है कि पीएम केयर्स फंड अनुच्छेद 12 के तहत एक ‘राज्य’ का फंड है, तो केंद्र को व्यापक रूप से प्रचारित करना चाहिए कि पीएम केयर्स फंड एक सरकारी स्वामित्व वाली निधि नहीं है। वहीं पीएम केयर्स फंड को अपने नाम/वेबसाइट में पीएम शब्द का उपयोग करने से रोका जाना चाहिए। पीएम केयर्स फंड को राज्य के प्रतीक का उपयोग करने से रोका जाना चाहिए।
इसके अलावा पीएम केयर्स फंड को अपनी वेबसाइट में डोमेन नाम 'gov' का उपयोग करने से रोका जाना चाहिए। इसी प्रकार फंड को अपने आधिकारिक पते के रूप में पीएम कार्यालय का उपयोग करने से रोका जाना चाहिए।
पीएम केयर्स फंड को सूचना के अधिकार के तहत लाने एवं उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर भी याचिका दायर है। यह याचिका भी सम्यक गंगवाल ने दायर की है।

याची ने तर्क रखा है कि पीएम केयर्स फंड का ऑडिट कराने और प्रत्येक तिमाही पर फंड की जानकारी वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही दान देने वालों के नाम की जानकारी भी दी जानी चाहिए। वहीं व्यक्तिगत, निजी कंपनी, सार्वजनिक क्षेत्र, राजनीतिक पार्टी, गैर सरकारी संगठन, ट्रस्ट समेत अन्य स्रोत से मिलने वाले दान की जानकारी भी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
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