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उपहार अग्नि कांड: धोखाधड़ी मामले में सुशील अंसल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से मंजूरी प्राप्त करने का निर्देश

Mon, 31 Jan 2022 09:01 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Mon, 31 Jan 2022 09:01 PM IST
सार

पटियाला हाउस अदालत स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डॉ. पंकज शर्मा ने सोमवार को मामले की जांच अधिकारी को पासपोर्ट नवीनीकरण मामले में कथित धोखाधड़ी में व्यवसायी सुशील अंसल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 21 फरवरी निर्धारित की है।

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high court directs to obtain necessary sanction from concerned authority to prosecute Sushil Ansal
उपहार अग्निकांड - फोटो : Social Media

विस्तार

अदालत ने दिल्ली पुलिस को पासपोर्ट नवीनीकरण में धोखाधड़ी में व्यवसायी सुशील अंसल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से अपेक्षित मंजूरी प्राप्त करने का निर्देश दिया। सुशील अंसल अपने भाई और कई अन्य लोगों के साथ 1997 उपहार सिनेमा आग त्रासदी से संबंधित दस्तावेजों से छेड़छाड़ मामले में सजा मिलने के बाद से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

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पटियाला हाउस अदालत स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डॉ. पंकज शर्मा ने सोमवार को मामले की जांच अधिकारी को पासपोर्ट नवीनीकरण मामले में कथित धोखाधड़ी में व्यवसायी सुशील अंसल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 21 फरवरी निर्धारित की है।
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इससे पूर्व जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी की मांग करने वाला आवेदन संबंधित प्राधिकारी के पास लंबित है। दिल्ली पुलिस ने अपने आरोप पत्र में पहले कहा था कि व्यवसायी सुशील अंसल ने अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के समय जानबूझकर अपने खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही के बारे में जानकारी छुपाई थी और साथ ही अपनी सजा को भी छुपाया था।
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दिल्ली पुलिस ने सुशील अंसल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 177 (झूठी सूचना देना) और 181 (शपथ पर झूठा बयान) और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत आरोप पत्र दायर किया है। पुलिस ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि जांच से यह स्पष्ट है कि सुशील अंसल ने जानबूझकर किसी भी अदालत में आवेदक के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही के बारे में जानकारी छुपाई थी या उसे किसी भी अदालत द्वारा अतीत में किसी भी आपराधिक अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है।

पुलिस ने यह भी कहा कि जांच के दौरान तत्कालीन पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई सबूत रिकॉर्ड में नहीं आया जिसने 2013 में आरोपी के पासपोर्ट का सत्यापन किया था, क्योंकि उसने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया था। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया था। 


रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल के खिलाफ तथ्यों को छिपाने के लिए पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) 2013 में दर्ज की गई थी, जब उन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। प्राथमिकी उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत दर्ज की गई थी। उपहार त्रासदी के पीड़ितों के संगठन की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने आरोप लगाया था कि अंसल ने अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए अधिकारियों को छुपाया या झूठी जानकारी दी।

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