फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   High Court directs Delhi government to consider the issue of permission to open religious places

दिल्ली: धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति के मुद्दे पर सरकार को विचार करने का निर्देश

Wed, 15 Sep 2021 12:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 15 Sep 2021 12:38 AM IST
सार

उच्च न्यायालय ने राजधानी के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को विचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि अगर धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया जाता है तो कोविड के तय नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाए

विज्ञापन
High Court directs Delhi government to consider the issue of permission to open religious places
फाइल फोटो

विस्तार

उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को राजधानी के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि धार्मिक स्थलों में श्रद्घालुओं के लिए खोलने का निर्णय लेते हुए कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति की पीठ ने एनजीओ डिस्ट्रेस मैनेजमेंट कलेक्टिव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को दायर याचिका पर बतौर ज्ञापन के रूप में विचार करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह कानून, नियमों के अनुसार विचार कर जल्द निर्णय ले। अदालत ने कहा कि यदि धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया जाता है तो कोविड के तय नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की और से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि कोविड-19 के मामलों में कमी आने के बाद सरकार व संबंधित अधिकारियों ने मॉल, जिम और स्पा सहित कई स्थानों को खोलने की अनुमति दी है,लेकिन धार्मिक स्थलों को खोलने पर कोई निर्णय लिया। इसके अलावा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी कोई दिशा निर्देश नहीं दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा जब सभी बाजार व अन्य गतिविधियां शुरू हो चुकी है तो धार्मिक स्थल खुल सकते हैं लेकिन सार्वजनिक अनुमति नहीं है। याची के अधिवक्ता ने कहा कि याची ने धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति देने के लिए 40 दिन पहले ज्ञापन दिया था लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। पीठ ने उनका तर्क सुनने के बाद सरकार को ज्ञापन पर जल्द विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

याची के अधिवक्ता वकील रॉबिन राजू ने कहा कि ऑनलाइन पूजा सेवा कभी भी एक फिजिकल यात्रा के समान अनुभव प्रदान करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा लगातार श्रद्घालुओं पर पूजा के लिए प्रतिबंध से ऐसा महसूस होता है कि धार्मिक स्थल केवल पूजा स्थल के रूप में हैं और उसकी आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा दिल्ली के अधिकांश धार्मिक स्थल श्रद्घालुओं के लिए लंबी अवधि के बंद करने से इन स्थलों के रखरखाव और अन्य खर्चों को पूरा करने में भी कठिनाई में हैं। इसके अलावा अन्य सभी भीड़-भाड़ वाले स्थानों को खोलने के बावजूद धार्मिक स्थलों को बंद रखने का निर्णय समझ से बाहर है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों पर श्रद्घालुओं पर प्रतिबंध अवैध और मनमाना है, और भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed