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महिला सामाजिक कार्यकर्ता से दुर्व्यवहार करने वाले पर कार्रवाई का निर्देश
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नाइट शेल्टर होम में महिला सामाजिक कार्यकर्ता से दुर्व्यवहार के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (ड्यूसिब) को दोषी अधिकारी पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है। अदालत के आदेश का पालन करवाने के दौरान याची एवं सामाजिक कार्यकर्ता रचना मलिक से दुर्व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं शिकायत के बावजूद दोषी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने मामले में ड्यूसिब को दोषी अधिकारी पर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने साथ ही इस मामले में सफदरजंग थाना प्रभारी को पक्षकार बनाते हुए अगली सुनवाई से पहले जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता मलिक ने अदालत को बताया था कि दुर्र्व्यवहार की शिकायत सफदरजंग थाना प्रभारी से भी की गई। सुनवाई के दौरान बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याची के साथ दुर्व्यवहार करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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अदालत ने याचिकाकर्ता मलिक को सराय काले खां स्थित शेल्टर होम का दौरा करने और वहां रहने वाले लोगों का हाल जानने का भी निर्देश दिया है। साथ ही, बोर्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शेल्टर होम का दौरा करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी न हो।
इससे पहले याचिकाकर्ता ने कहा था कि इस मामले में 27 मई और 7 जुलाई, 2020 के आदेश का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब वह एम्स स्थित नाइट शेल्टर का दौरा करने गईं तो वहां के केयर टेकर ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है। अदालत के आदेश का पालन करवाने के दौरान याची एवं सामाजिक कार्यकर्ता रचना मलिक से दुर्व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं शिकायत के बावजूद दोषी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने मामले में ड्यूसिब को दोषी अधिकारी पर उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने साथ ही इस मामले में सफदरजंग थाना प्रभारी को पक्षकार बनाते हुए अगली सुनवाई से पहले जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता मलिक ने अदालत को बताया था कि दुर्र्व्यवहार की शिकायत सफदरजंग थाना प्रभारी से भी की गई। सुनवाई के दौरान बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याची के साथ दुर्व्यवहार करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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अदालत ने याचिकाकर्ता मलिक को सराय काले खां स्थित शेल्टर होम का दौरा करने और वहां रहने वाले लोगों का हाल जानने का भी निर्देश दिया है। साथ ही, बोर्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शेल्टर होम का दौरा करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी न हो।
इससे पहले याचिकाकर्ता ने कहा था कि इस मामले में 27 मई और 7 जुलाई, 2020 के आदेश का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब वह एम्स स्थित नाइट शेल्टर का दौरा करने गईं तो वहां के केयर टेकर ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।