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दिहाड़ी मजदूर को राशन कार्ड न मिलने पर हाईकोर्ट नाराज

Sat, 30 Oct 2021 11:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 11:33 PM IST
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High court angry over non-receipt of ration card to daily wage laborers
नई दिल्ली। एक दिहाड़ी मजदूर को आठ वर्ष पूर्व आवेदन करने के बावजूद राशन कार्ड जारी न करने पर उच्च न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। दिल्ली सरकार ने अदालत में कहा कि केंद्रीय अथॉरिटी के राशन कार्ड जारी करने की सीमा तय करने के कारण मजदूर को कार्ड जारी नहीं किया जा सका, क्योंकि सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है। इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की अदालत दक्षिण दिल्ली की झुग्गी में रहने वाली दिहाड़ी मजदूर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कहा गया है कि सितंबर 2013 में उसने सभी परिजनों के नाम शामिल कर राशन कार्ड जारी करने के लिए आवेदन किया है, लेकिन उसे यह नहीं मिला है। इससे पहले उसके पति के नाम पर वर्ष 2005 में राशन कार्ड जारी हुआ था, लेकिन उसे 2013 में रद्द कर दिया गया। अदालत ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली सरकार से पूछा था कि उसका आवेदन आठ साल से क्यों लंबित है।
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अदालत के समक्ष पेश दिल्ली सरकार के अधिवक्ता गौतम नायर ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर केंद्र ने दिल्ली में 72 लाख राशन कार्डों की सीमा तय की है, जो पूरी हो चुकी है। इस मामले में दिल्ली सरकार व अन्य एजेंसियों की कोई गलती नहीं है। केंद्र सरकार की तय सीमा का उल्लंघन कर ज्यादा राशन कार्ड जारी नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ही जवाब दे सकती है। अदालत ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 5 जनवरी 2022 को तय की है।
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