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दिल्ली राज्य खो-खो एसोसिएशन को जनहित याचिका दायर करने की अनुमति

Sun, 13 Jun 2021 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 12:13 AM IST
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high court allows kho-kho association to file PIL
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ तय नियमों का उल्लंघन व वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ दायर याचिका को जनहित का मुद्दा माना है। याची ने कहा था कि याचिका में जनहित के मुद्दों को उठाया गया है। अदालत ने उन्हें अब इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर करने की अनुमति प्रदान कर दी।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेव के समक्ष दिल्ली स्टेट खो-खो एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक भसीन व बिहार राज्य खो-खो एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मंसूर आलम के अधिवक्ता ने बताया कि खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ दायर याचिका में कई जनहित के मुद्दे हैं। अदालत ने उनकी राय पर सहमति जताते हुए उन्हें जनहित याचिका दायर करने का सुझाव दिया।
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अदालत ने याचिका को वापस लिया मानते हुए इसे खारिज कर दिया। याची ने फेडरेशन के अगले चुनाव तक कामकाज के लिए प्रशासक की नियुक्ति की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारी जोड-तोड़ कर गलत तरीके से आदेश जारी कर देशभर की एसोसिएशन में हस्तक्षेप कर रहे हैं जबकि फेडरेशन का पिछला चुनाव वर्ष 2017 में हुआ था।
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याची ने कहा कि फेडरेशन पदाधिकारियों ने गैरकानूनी तरीके से दिल्ली राज्य खो-खो एसोसिएशन को डिस्क्वालिफाई कर नई बॉडी का गठन कर दिया, जबकि यह संस्थापक एसोसिएशन है। इतना ही नहीं गलत तरीके से फेडरेशन के अध्यक्ष ने स्वयं को गैरकानूनी चुनाव के जरिये इस नई बॉडी का अध्यक्ष घोषित कर दिया, जबकि वे पुरानी एसोसिएशन के सदस्य भी नहीं थे। यह सब फेडरेशन के 21 अगस्त को होने वाले चुनाव पर नियंत्रण करने के लिए किया गया।
याची ने कहा कि फेडरेशन के पदाधिकारी जोड़तोड़ की रणनीति के तहत दिल्ली, बिहार, यूपी गुजरात इत्यादि एसोसिएशनों के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इतना ही नहीं खेल मंत्रालय की गाइडलाइन का उल्लंघन कर फेडरेशन में कोषाध्यक्ष को मनोनीत कर दिया गया जबकि तय संविधान में कोषाध्यक्ष के मनोनयन का प्रावधान ही नहीं है।

याची ने दावा किया कि यह केंद्र द्वारा सब फेडरेशन को मिलने वाले फंड पर नियंत्रण के लिए किया गया है। इतना ही नहीं तय नियमों का उल्लंघन कर फेडरेशन के संविधान में भी संशोधन कर वेबसाइट पर डाल किया। आने वाले चुनाव निष्पक्षता से हों इसके लिए फेडरेशन के कामकाज की देखभाल के लिए प्रशासक की नियुक्ति की जाए।
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