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दिल्ली में हर नागरिक का बनेगा हेल्थ कार्ड, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शालीमार बाग में सरकारी अस्पताल की नींव रखने के दौरान की घोषणा
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दिल्ली के शालीमार बाग में सरकारी अस्पताल की नींव रखने से पहले हवन में आहुतियां देते मुख्यमंत्री ?
- फोटो : Ashram
नई दिल्ली। अगले छह महीने में दिल्ली सरकार सात नए सरकारी अस्पताल की सौगात दिल्लीवालों को देगी। ये अस्पताल 6800 बेड क्षमता वाले होंगे, जहां मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध होगी। साथ ही सरकार की योजना है कि अगले एक-डेढ़ साल में हर किसी का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाए। स्वास्थ्य का पूरा ब्योरा कंप्यूटर पर होगा, ताकि किसी नई पर्ची की जरूरत नहीं पड़े और कंप्यूटर में दर्ज ब्योरे से किसी भी अस्पताल में चिकित्सा मिल सके। हेल्थ इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) के तहत यह सुविधाएं मिलेंगी। यह बातें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शालीमार बाग में एक अस्पताल की नींव रखने के दौरान कही।
उन्होंने रविवार को शालीमार बाग में 275 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 1430 बेड क्षमता वाले अस्पताल की नींव रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे विश्व में एक रिकॉर्ड होगा कि दिल्ली सरकार अगले छह महीने में 6800 बेड क्षमता वाले सात नए सरकारी अस्पताल बना लेगी। ईमानदार सरकार की वजह से काफी सस्ती लागत से अस्पताल तैयार हो रहे हैं। पहले एक सामान्य बेड बनाने पर एक करोड़ रुपये की लागत आती थी, लेकिन वर्तमान सरकार एक आईसीयू बेड पर केवल 20 लाख रुपये खर्च कर रही है। एक ऐसा सिस्टम बनाने जा रहे हैं, जिसके तहत दिल्ली के हर नागरिक का अपना हेल्थ कार्ड होगा और उसमें उसके स्वास्थ्य की सभी जानकारी होंगी। दुनिया के किसी भी देश में अभी तक ऐसा सिस्टम विकसित नहीं हुआ है।
सरकार उठा रही है हर अहम कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सभी को कोरोना से बचा कर रखें। अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते सभी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। बेड, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की कमी नहीं होने दी जाएगी। अस्पताल के हर बेड को आईसीयू और सामान्य बेड की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। शालीमार बाग में निर्मित हो रहे अस्पताल के सभी 1430 बेड पर आईसीयू की सुविधा होगी। हर बेड पर ऑक्सीजन होगी और आईसीयू के लिए मॉनीटर होगा।
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कम कर दी कई गुना लागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो सरकार थी वह 100 बेड वाले सरकारी अस्पताल पर एक करोड़ रुपये प्रति बेड के हिसाब से लागत रखती थी। 2015 से पहले इसी तरह से अस्पताल बनाती थी। आम आदमी पार्टी की सरकार 275 करोड़ रुपये की लागत से 1438 बेड तैयार कर रही है। महज 20 लाख रुपये प्रति बेड की लागत से अस्पताल तैयार कर रही है। वह भी आईसीयू बेड के साथ।
गरीब हो या अमीर, सभी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है जिसमें हर नागरिक का अपना हेल्थ कार्ड होगा। अगले एक-डेढ़ साल में हर नागरिक का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। चाहे वह गरीब है या अमीर। किसी भी अस्पताल में कोई भी मरीज इलाज करा सकेगा। बचपन से बुढ़ापे तक का रिकार्ड सेंट्रलाइज होगा। डॉक्टर मिलने का समय देगा और उसके दिए समय पर इलाज होगा। पूरा इलाज फ्री होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन को भी बधाई दी। उम्मीद जताई कि यह अस्पताल छह महीने में बना लिया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस : जैन
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक और अस्पताल बना रही है। 1430 बेड की क्षमता के साथ इस अस्पताल का निर्माण कार्य 6 महीने में पूरा किया जाएगा। यह अस्पताल भूतल के अलावा दो ओटी कांप्लेक्स के साथ दो मंजिला होगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिल्ली के अलग-अलग इलाके में इस तरह के सात नए अस्पताल बनाए जाने हैं। हवन यज्ञ के साथ शिलापट्ट का अनावरण किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक बंदना जैन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने रविवार को शालीमार बाग में 275 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 1430 बेड क्षमता वाले अस्पताल की नींव रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे विश्व में एक रिकॉर्ड होगा कि दिल्ली सरकार अगले छह महीने में 6800 बेड क्षमता वाले सात नए सरकारी अस्पताल बना लेगी। ईमानदार सरकार की वजह से काफी सस्ती लागत से अस्पताल तैयार हो रहे हैं। पहले एक सामान्य बेड बनाने पर एक करोड़ रुपये की लागत आती थी, लेकिन वर्तमान सरकार एक आईसीयू बेड पर केवल 20 लाख रुपये खर्च कर रही है। एक ऐसा सिस्टम बनाने जा रहे हैं, जिसके तहत दिल्ली के हर नागरिक का अपना हेल्थ कार्ड होगा और उसमें उसके स्वास्थ्य की सभी जानकारी होंगी। दुनिया के किसी भी देश में अभी तक ऐसा सिस्टम विकसित नहीं हुआ है।
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सरकार उठा रही है हर अहम कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सभी को कोरोना से बचा कर रखें। अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते सभी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। बेड, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की कमी नहीं होने दी जाएगी। अस्पताल के हर बेड को आईसीयू और सामान्य बेड की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। शालीमार बाग में निर्मित हो रहे अस्पताल के सभी 1430 बेड पर आईसीयू की सुविधा होगी। हर बेड पर ऑक्सीजन होगी और आईसीयू के लिए मॉनीटर होगा।
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कम कर दी कई गुना लागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो सरकार थी वह 100 बेड वाले सरकारी अस्पताल पर एक करोड़ रुपये प्रति बेड के हिसाब से लागत रखती थी। 2015 से पहले इसी तरह से अस्पताल बनाती थी। आम आदमी पार्टी की सरकार 275 करोड़ रुपये की लागत से 1438 बेड तैयार कर रही है। महज 20 लाख रुपये प्रति बेड की लागत से अस्पताल तैयार कर रही है। वह भी आईसीयू बेड के साथ।
गरीब हो या अमीर, सभी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा सिस्टम बनाने जा रही है जिसमें हर नागरिक का अपना हेल्थ कार्ड होगा। अगले एक-डेढ़ साल में हर नागरिक का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। चाहे वह गरीब है या अमीर। किसी भी अस्पताल में कोई भी मरीज इलाज करा सकेगा। बचपन से बुढ़ापे तक का रिकार्ड सेंट्रलाइज होगा। डॉक्टर मिलने का समय देगा और उसके दिए समय पर इलाज होगा। पूरा इलाज फ्री होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन को भी बधाई दी। उम्मीद जताई कि यह अस्पताल छह महीने में बना लिया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस : जैन
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक और अस्पताल बना रही है। 1430 बेड की क्षमता के साथ इस अस्पताल का निर्माण कार्य 6 महीने में पूरा किया जाएगा। यह अस्पताल भूतल के अलावा दो ओटी कांप्लेक्स के साथ दो मंजिला होगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिल्ली के अलग-अलग इलाके में इस तरह के सात नए अस्पताल बनाए जाने हैं। हवन यज्ञ के साथ शिलापट्ट का अनावरण किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक बंदना जैन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समेत कई लोग मौजूद रहे।