दिल्ली में लकी ड्रॉ के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, दंपती गिरफ्तार
साउथ रोहिणी में लकी ड्रॉ स्कीम के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। लकी ड्रॉ ग्रुप चलानेे वाला दंपती बुधवार रात अचानक गायब हो गया तो सैकड़ों पीड़ित साउथ रोहिणी वाले लोग थाने पहुंचे और शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर बृहस्पतिवार शाम दंपती को पकड़ लिया।
जिला पुलिस उपायुक्त पीके मिश्रा ने बताया कि दंपती की पहचान रेणू चावला और महेंद्र चावला के रूप में हुई है। उनकी निशानदेही पर चिटफंड कमेटी में काम आने वाली रसीदें, कंप्यूटर, मोबाइल व अन्य सामान जब्त किया गया है। दंपती कमेटी डलवाने के साथ लकी ड्रॉ के ग्रुप भी चलाते थे। अलग-अलग स्कीम के 50 से अधिक ग्रुप हैं। इनमें लोग महीने में रुपये जमा करते थे। लकी ड्रॉ में इनाम भी दिया जाता था।
बुधवार रात रोहिणी सेक्टर-तीन निवासी मनोज, अंकित, मृदुल अरोड़ा समेत सैकड़ों लोग ने थाने पहुंचकर ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कमेटी और लकी ड्रॉ में दिल्ली के अलावा एनसीआर के लोगों ने भी रुपये लगा रखे थे। एक अनुमान के मुताबिक, दंपती करोड़ों की रकम लेकर फरार हुए।
100 रुपये की कमेटी से की थी शुरुआत
रेणू चावला और उनके पति महेंद्र चावला रोहिणी सेक्टर तीन में तीस साल से रहते हैं। इनकी जय लक्ष्मी टेलर्स के नाम से दुकान है और ऊपरी मंजिल पर उनके दो बेटे और बहू रहती हैं। महेंद्र इलाके में मशहूर टेलर के नाम से जाने जाते हैं। दुकान पर दो कर्मचारी भी काम करते हैं। वर्ष 2001 में दंपती 100-100 रुपये की कमेटी डालने शुरुआत की थी और अब 25 हजार रुपये की कमेटी डालते हैं। लोगों का कहना है कि पीड़ितों में ऐसे लोग हैं, जिनका 25 से 50 लाख रुपये कमेटी में लगे हुए हैं।
एक सप्ताह पहले घर का सामान शिफ्ट किया
एक सप्ताह पहले आरोपी दंपती ने अपना सारा सामान पैकर्स एंड मूवर्स के जरिए कहीं भिजवा दिया। पड़ोसियों को भनक लगी तो दंपती ने गुमराह करने के लिए बताया कि बेटा दूसरी जगह पर शिफ्ट हो रहा है। बुधवार को अचानक दंपती के गायब होने की जानकारी लोगों को मिली तो वह उसके घर के सामने जमा होने लगे। इसकी वजह से पुलिस को वहां सुरक्षा के इंतजाम करने पड़े।
सैकड़ों पीड़ितों ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। मामला दर्ज कर पुलिस की तीन टीम ने कई जगहों पर दबिश देने के बाद बृहस्पतिवार शाम दंपती को पकड़ लिया। फिलहाल पूछताछ की जा रही है।
- पीके मिश्रा, पुलिस उपायुक्त-रोहिणी जिला
पोलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी
पोलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक और उसके परिचितों से लाखों रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर जनकपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मंगोलपुरी निवासी विरेंद्र चंद्र ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दसवीं पास है और इस साल शुरू में नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने करण आर्या नाम के व्यक्ति से मिलवाया और बताया कि यह नौकरी दिलवा सकता है। करण ने विरेंद्र चंद को टोनी सिंह का मोबाइल नंबर दिया। नंबर पर संपर्क करने पर टोनी ने उसे पोलैंड में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और करीब इसमें चार लाख रुपये खर्च आने की बात कही। उसने कहा कि उसके किसी अन्य परिचित को भी विदेश में नौकरी करना है तो उसे भी अपने साथ ले आये।
पीड़ित किराड़ी निवासी अपने परिचित त्रिलोकचंद के साथ जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास टोनी से मिला। टोनी ने इनसे पासपोर्ट और अन्य कागजात ले लिये। टोनी ने उन्हें 10-15 दिन में तीन लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। पंद्रह दिन के बाद जब पीड़ित टोनी ने मिले तो उसने बताया कि वीजा तैयार हो गया है। उसने बाकी के ढाई लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। 20 दिन बाद वह टोनी से मिले और पैसे दे दिये। आरोपी ने उन्हें जल्द ही उन्हें विदेश भेजने का आश्वासन दिया।
कुछ दिन बाद आरोपी ने त्रिलोकचंद को एक कंपनी का नियुक्ति पत्र भी दे दिया। इस बीच विरेंद्र का राजस्थान में रहने वाला एक अन्यपरिचित शैल बिहारी ने भी टोनी से नौकरी के लिए संपर्क किया। टोनी ने उससे 2.77 लाख रुपये अपने खाते में मंगवा लिये। उसके बाद से वह पीड़ितों से दूरी बनाने लगा और फिर बाद में उन्हें धमकाने लगा। ठगी का एहसास होने पर 29 सितंबर को पीड़ितों ने जनकपुरी थाने में इस बाबत शिकायत की। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की धर पकड़ के लिए प्रयास कर रही है।