दिल्ली हाईकोर्ट का अनोखा फैसला: जानें क्यों कहा दिल्ली पुलिस को दान में दें 48 हजार के मोजे, FIR सशर्त रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित एक एफआईआर को रद्द कर दिया है। लेकिन साथ ही दोनों पक्षों को एक शर्त को पूरा करने का आदेश दिया है।
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न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने यह आदेश दोनों पक्षों के समझौता के आधार पर दिया है। दोनों पक्षों ने कहा वे आपराधिक कार्यवाही जारी नहीं रखना चाहते हैं। अदालत ने शिकायतकर्ता के साथ-साथ दो आरोपी व्यक्तियों को 48,000 जमा करने और उस पैसे का उपयोग केशवपुरम, भारत नगर, मॉडल टाउन, अशोक विहार, रूप नगर और मौरिस नगर पुलिस स्टेशनों में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए वर्दी मोजे खरीदने के लिए करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दूसरे पक्ष को अपना 24,000 रुपये का हिस्सा नकद में सौंप देगा और दूसरा पक्ष 24,000 रुपये के अपने हिस्से में इसे जोड़ देगा और 48,000 रुपये की कुल लागत का उपयोग करेगा।
यह मामला अशोक विहार थाने में धारा 406/420/467/468/469/471/120बी/34 के तहत दर्ज किया गया था। आरोपियों ने कहा कि वे अपने हिस्से के पैसे शिकायतकर्ता को सौंप देंगे जो पुलिस अधिकारियों के लिए मोजे खरीद सकता है। अदालत ने उन्हें 30 अक्टूबर को आदेश के पालन की रिपोर्ट पूरा करने का निर्देश दिया है।