कृषि कानूनों पर तोमर बोले: पहले दिन संसद में पेश होगा विधेयक, विनती है घर लौटें, जानिए पराली और मुआवजे पर क्या कहा?
कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में पेश किया जाएगा। इसकी जानकारी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दी है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को बताया कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में पेश किया जाएगा। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल विविधता, शून्य-बजट खेती एमएसपी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व इससे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। इस समिति के गठन से एमएसपी पर किसानों की मांग पूरी हुई। तोमर ने बताया कि किसान संगठनों ने पराली जलाने को अपराध से मुक्त करने की मांग की थी। जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
PM Narendra Modi has announced to constitute a committee to deliberate on the issues of crop diversification, zero-budget farming, & making MSP system more transparent & effective. This committee will have representatives from farmers' organizations: Agriculture Minister NS Tomar pic.twitter.com/u0tpMqOflr
— ANI (@ANI) November 27, 2021विज्ञापन
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद मुझे लगता है कि अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए मैं किसानों और किसान संगठनों से निवेदन करता हूं कि वो आंदोलन खत्म करें। बड़े मन का परिचय दें और पीएम मोदी की जो घोषणा है उसका आदर करते हुए अपने-अपने घर लौटें।
कहा कि आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मामले राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र का विषय हैं। मामलों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारें निर्णय करेंगी। साथ ही मुआवजे का मामला भी राज्य सरकारों के अधीन है, जिस पर सरकारें निर्णय करेंगी। देश में अब पराली जलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा। किसान संगठनों की प्रमुख मांग थी कि पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाए, इसलिए किसानों की यह मांग केंद्र सरकार ने मांग ली है।