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ग्रेटर नोएडा में जाली नोटों का खुलासा: तीन गुना रुपये का झांसा देकर ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार, 1.84 लाख बरामद
Fri, 16 Oct 2026 05:03 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:03 PM IST
सार
नालेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नालेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत 1.84 लाख रुपये है। इसके अलावा अपराध से संबंधित 1000 रुपये का असली नोट और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को तीन गुना रुपये देने का झांसा देकर नकली नोटों के बदले असली रुपये हासिल करते थे।
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डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि नालेज पार्क पुलिस ने चारों आरोपितों को ग्राम कोण्डली पुस्ता के पास गढ़ी समस्तीपुर जाने वाले पक्के रास्ते के मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह (22) निवासी ग्राम ग्वाडिया, कोतवाली नगर सुल्तानपुर, शशांक गुप्ता (19) निवासी हैदरगंज कोतवाली अयोध्या, शान्तनु सिंह (19) निवासी हरिहरपुर कमलपुर सीतापुर और वैभव शुक्ला (19) निवासी टन्डौली महाराजगंज अयोध्या के रूप में हुई है।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की साजिश की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, अर्जुन सिंह उस दौरान अयोध्या जेल में कुबेर सिंह नामक व्यक्ति के साथ बंद था। जेल में दोनों की मुलाकात हुई। इसी दौरान जाली नोट तैयार कर उन्हें असली बताकर इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई। इसके बाद अर्जुन ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस काम को आगे बढ़ाया।
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पुलिस के अनुसार, कुबेर, अर्जुन, शशांक और शान्तनु मिलकर जाली नोट तैयार करते थे। इसके बाद अर्जुन अपने साथियों के साथ आम लोगों को तीन गुना रुपये देने का झांसा देता था। आरोपित नकली नोटों के बदले लोगों से असली रुपये लेते थे और इस तरह अवैध रूप से मुनाफा कमाते थे। बाद में मुनाफे की रकम में सभी आरोपित हिस्सेदारी करते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित इसी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाते थे। 16 अक्टूबर को भी चारों आरोपित इसी उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पहुंचे थे। पुलिस को गिरोह के बारे में जानकारी मिली तो टीम ने ग्राम कोण्डली पुस्ता के पास संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार से जाते चारों आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कार और आरोपितों के कब्जे से 200 रुपये के 920 जाली नोट बरामद किए। इनकी कुल कीमत 1,84,000 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही अपराध से संबंधित 1000 रुपये का असली नोट भी बरामद हुआ। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और जाली नोट तैयार करने के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित अब तक कितने लोगों को तीन गुना रकम का झांसा देकर ठगी का शिकार बना चुके हैं और जाली नोट कहां-कहां खपाए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।