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दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर स्पेन के नागरिकों से कर रहे थे ठगी

Fri, 15 Jan 2021 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2021 01:33 AM IST
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Fake call centre duping Spanish Nationals Busted in Delhi, 4 arrested
फर्जी कॉल सेंटर चलाकर स्पेन के नागरिकों से ठगी करने वाले चारों आरोपी। - फोटो : Ashram
नई दिल्ली। साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर स्पेन के नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी तीन वर्ष से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशियों से ठगी कर रहे थे। स्पेन के नागरिकों से उनकी प्रॉपर्टी किराये पर चढ़ाने के नाम पर और माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी बनकर तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी की जाती थी। अभी तक की जांच में स्पेन के 100 से ज्यादा नागरिकों से ठगी की बात सामने आई हैं। बुधवार को पकड़े गए आरोपियों की पहचान आगरा निवासी इमरान, मो. आजम और दिल्ली निवासी, मो. तौकीर किदवई व दीपक लाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 4 लैपटॉप, 10 हार्ड डिस्क और 14 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि ठगे जाने वाले विदेशियाें की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है। पुलिस पांच गूगल आकउंट की जांच कर रही है।
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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार साइबर सेल प्रभारी संदीप पंवार को सूचना मिली थी कि सनलाइट कॉलोनी में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशियों से ठगी की जा रही है। कॉल सेंटर से माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी बनकर स्पेन के नागरिकों से ठगी की बात सामने आई थी। इंस्पेक्टर संदीप पंवार की देखरेख में एसआई गौरव चौधरी, एएसआई मो. हारून व हवलदार अशोक कुमार की टीम ने कॉल सेंटर में छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कॉल सेंटर में विवेक सिंह, आरिफ, विशाल तिवारी, हैदर, कुमुद शर्मा, शाहिद रजा, इजाज अहमद, तौसीफ, सुभान और शादाब समेत 13 कर्मचारी काम कर रहे थे। इन सभी कर्मचारियों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया।
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पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना मो. तौकीर किदवई है। वही कॉल सेंटर चलाता था। दबिश के समय उसके लैपटॉप में एक मेल खुला हुआ था। मेल में स्पेन की महिला उससे कह रही थी कि वह माइक्रोसॉफ्ट से नहीं है और वह पुलिस में कॉल करेगी। किदवई ने गूगल पर पांच अकाउंट खोले हुए थे। कॉलसेंटर में पीड़ितों से इंटरनेट कॉल वीओआईपी कॉल से भी संपर्क किया जाता था।
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किसी के खिलाफ पहले से दर्ज नहीं है मामला
गिरोह का सरगना मो. तौकीर किदवई (27) जामिया नगर दिल्ली निवासी है। जबकि इमरान (25) गांव गोधई मंडी, ताजगंज, आगरा और मो. आजम (27), कछेला सराय, ताजगंज, आगरा और दीपक लाल (27) सुखदेव विहार दिल्ली का रहने वाला है। इनमें से किसी के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।
28 हजार प्रतिमाह थी हर कर्मचारी की सैलरी
आरोपियों ने ऐसे 13 कर्मचारियों को नौकरी पर रखा था जिन्हें स्पैनिश भाषा आती थी। आरोपी हर कर्मचारी को 28 हजार रुपये प्रतिमाह देते थे। कर्मचारियों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया।

ऐसे करते थे ठगी
आरोपी स्पेन के नागरिकों को फोन कर कहते थे कि उनकी प्रॉपर्टी को अलग-अलग वेबसाइट पर डिस्प्ले करा देंगे। जिससे उन्हें जल्द और ज्यादा किराया मिल सके। प्रॉपर्टी का किराए दिलवाने के नाम पर उनसे एडवांस में ही 12 से 15 हजार रुपये ऐंठ लिए जाते थे। इसके अलावा कॉल सेंटर से माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी बनकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करते थे। कॉल सेंटर सरगना ने यूरोप के बैंक में अकाउंट खुलवा रखे थे। ठगी का सारा पैसा विदेशी बैंक में बने अकाउंट में ही ट्रांसफर कराया जाता था।
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