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केंद्रीय मंत्री से रंगदारी : यू ट्यूब से मिला था ब्लैकमेलिंग का आइडिया, आरोपी दिल्ली-यूपी के बॉर्डर से करते थे इंटरनेट कॉल
Sat, 25 Dec 2021 02:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 25 Dec 2021 02:54 AM IST
सार
लोकशन का पता न चले इसलिए नोएडा सेक्टर-15 से करते थे इंटरनेट कॉल। कोई सीसीटीवी फुटेज या मोबाइल वीडियो नहीं मिला।
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी से उगाही का आइडिया आरोपियों को यू-ट्यूब से मिला था। बदमाशों ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए भरसक प्रयास किए, परंतु फिर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। वीओआईपी (इंटरनेट कॉल) के जरिए वह नोएडा के सेक्टर-15 में जाकर टेनी को धमकी भरी कॉल करते थे, ताकि उनकी लोकेशन का सही पता न चल सके। क्योंकि, यहां दिल्ली और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के मोबाइल सिग्नल आते हैं।
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इसलिए आरोपी मान रहे थे कि यहां से कॉल करने पर उनकी लोकेशन मिक्स हो जाएगी और पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। नई दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के पास से कोई वीडियो नहीं मिला है। अगर डिलीट किया गया तो उसके लिए आरोपियों के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
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नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास से मोबाइल जैसी एक डिवाइस बरामद की गई है। इससे वह वीओआईपी कॉल कर केंद्रीय मंत्री को धमका रहे थे। इससे मंत्री के मोबाइल पर विदेश का नंबर आता था। इसके लिए आरोपियों ने मोबाइल पर एप डाउनलोड कर रखी है। इनमें कबीर आईटी एक्सपर्ट है। ये स्काइलाइट नाम की एप से नंबर पीड़ित के मोबाइल पर फ्लैश करते थे, जो विदेशी होता था।
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विदेशी एजेंसियों की ली सहायता
नई दिल्ली जिला पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए यूएस व रोमानिया की एजेंसियों की मदद ली है। इन एजेंसियों के जरिए वीओआईपी कॉल का डाटा निकलवाया गया है। फेसबुक से मोबाइल इंटरनेट का आईपी एड्रेस लिया गया। इसके बाद आरोपी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए। नई दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
17 से 23 दिसंबर के बीच की थी कॉल
आरोपियों ने ज्यादातर धमकी भरी कॉल 17 से 23 दिसंबर के बीच की थीं। दिल्ली पुलिस ने 17 दिसंबर को ही एफआईआर दर्ज कर ली थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 30 से 40 कॉल की हैं। खास बात यह भी है कि ज्यादातर कॉल मंत्री का निजी सचिव ही रिसीव करता था।
काला ने की सबसे ज्यादा कॉल
कबीर व अमित ने कॉल करने के लिए निशांत व अमित काला को किराए पर लिया था। निशांत ने करीब 15 फीसदी कॉल की। अमित काला ने 85 फीसदी कॉल की हैं। इन्हें उगाही की रकम में हिस्सा देने के लिए कहा गया था।