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दिल्ली में कोरोना: कलर कोड से नियंत्रण में आएगा कोविड, संक्रमण के प्रसार का सही तरीके से हो सकेगा आकलन
Sat, 10 Jul 2021 08:23 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 10 Jul 2021 08:23 PM IST
सार
विशेषज्ञों ने कहा कि इस व्यवस्था से संक्रमण के प्रसार का सही तरीके से आकलन हो सकेगा। माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने में भी सहूलियत मिलेगी। उनका कहना है कि इस योजना से समय रहते जरूरी बंदिशों को लागू किया जा सकेगा।
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दिल्ली में कोरोना
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
राजधानी में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लागू कलर कोड प्रणाली की विशेषज्ञों ने सराहना की है। उनका कहना है कि इस योजना से समय रहते जरूरी बंदिशों को लागू किया जा सकेगा। इससे वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। एम्स के पूर्व डॉक्टर प्रवीण कुमार का कहना है कि इस योजना से काफी लाभ मिलेगा।
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कलर कोड से संक्रमण दर, एक हफ्ते में संक्रमण के कुल नए मामले और एक हफ्ते में औसतन कितने ऑक्सीजन बेड भरे, इसके अनुसार वायरस के प्रसार का सही तरीके से आकलन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कई बार किसी क्षेत्र में संक्रमण के मामले बढ़ते हैं और अन्य क्षेत्र में नहीं।
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इस प्रणाली से दिल्ली के विभिन्न जिलों में कोरोना कि स्थिति के हिसाब के बंदिशें लगाई जा सकेंगी। पूरे क्षेत्र को बंद करने की आवश्यकता नहीं होगी। कलर कोड के हिसाब से सिर्फ उसी क्षेत्र में प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे, जहां वायरस का प्रसार ज्यादा हो रहा है। इससे संक्रमण को काबू करने में मदद मिलेगी। माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने में भी सहूलियत मिलेगी।
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सख्ती से पालन की जरूरत
डॉक्टर के मुताबिक, कलर कोड प्रणाली बहुत अच्छी है, लेकिन यह जरूरी है कि इसे सख्ती से लागू किया जाए। संक्रमण के प्रसार पर जो मानक तय किए गए हैं, उनका सही तरीके से पालन हो।
मसलन, अगर कोई क्षेत्र पीले रंग की श्रेणी में आता है या लाल कोड की श्रेणी में है तो तय नियम के हिसाब से ही वहां बंदिशें लागू होनी चाहिए। इस मामले में लापरवाही नहीं दिखनी चाहिए। यह प्रणाली अगर सही सख्ती से लागू हुई तो अगली लहर के खतरे से आसनी से निपटा जा सकेगा।