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Hindi News ›   Delhi ›   Even after one and a half years, Delhiites are deprived of Ayushman scheme

उदासीनता : डेढ़ साल बाद भी दिल्लीवाले ‘आयुष्मान’ से वंचित, लागू नहीं हुई योजना

Thu, 23 Sep 2021 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 23 Sep 2021 05:34 AM IST
सार

दिल्ली सरकार ने साल 2020 के बजट में पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की थी लेकिन स्वास्थ्य बीमा के अलावा तय समय पर नहीं मिला हेल्थ कार्ड। 

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Even after one and a half years, Delhiites are deprived of Ayushman scheme
आयुष्मान भारत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद जहां स्वास्थ्य क्षेत्र की कमजोरियां जगजाहिर हो चुकी हैं। वहीं इस महामारी के चलते 18 महीने बाद भी दिल्ली वालों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिला पाया है। इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है। साल 2020 के बजट में दिल्ली सरकार ने राजधानी के परिवारों को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) की सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है। 

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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट भाषण में इस योजना का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी सरकार चार स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचा मॉडल लागू कर रही है। उन्होंने दिल्ली हेल्थ बिल के बारे में जानकारी देते हुए मोहल्ला क्लीनिक की संख्या भी 451 से बढ़ाकर एक हजार तक ले जाने की घोषणा की थी। 
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प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) सितंबर 2018 में शुरू हुई थी लेकिन अभी तक यह दिल्ली में लागू नहीं हुई है। इस योजना के तहत कोरोना की जांच से लेकर इलाज तक प्राइवेट अस्पतालों में कराया जा सकता है। इनके अलावा करीब एक हजार से अधिक प्रोसीजर व अन्य तरह की बीमारियां इसमें शामिल हैं। केंद्र सरकार एक भारत-एक स्वास्थ्य बीमा को लेकर सभी सरकारी विभागों को एक योजना के तहत ला रही है। 
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बजट के कुछ ही दिनों बाद देश में महामारी का प्रकोप सामने आया था। साल 2020 में दिल्ली ने चार बार संक्रमण की लहर का सामना किया था। इसी प्राथमिकता की वजह से स्वास्थ्य की अन्य योजनाओं को लाने में वक्त लग रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल अगस्त माह तक हेल्थ कार्ड जारी होने थे लेकिन उसे भी अगले कुछ माह के लिए आगे बढ़ाना पड़ा। इस मामले में स्वास्थ्य निदेशक से टिप्पणी नहीं मिली। 

मार्च 2021 में आउटकम बजट 2020-21 की स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली सरकार ने 31 दिसंबर 2020 तक की सेवाओं के बारे में जानकारी दी लेकिन रिपोर्ट में आयुष्मान भारत योजना को लेकर चर्चा नहीं की गई। वह भी तब, जब एक वर्ष पहले बजट में प्रमुखता से इसे घोषणा में शामिल किया गया। इस रिपोर्ट में सरकार ने बताया कि साल 2020-21 के दौरान 56 योजनाओं को शामिल किया है। इसके साथ कुल 1616 आउटकम संकेतक थे जिनमें 80 फीसदी (402) योजनाओं को ऑन ट्रैक बताया, जबकि 15 फीसदी (73) योजनाएं ऑफ ट्रैक रहीं। इनके अलावा 24 योजनाओं पर कोई कार्यवाही नहीं है। 


क्यों जरूरी है स्वास्थ्य बीमा
स्वस्थ्य भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह का कहना है कि देश के प्रत्येक परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा जरूरी है। यह तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब हाल ही में पूरे देश और दिल्ली के लोगों ने दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी हो। दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में लाखों-करोड़ों रुपये के बिल का भुगतान हर परिवार के लिए संभव नहीं है। अगर आंकड़ों की बात करें तो मई 2021 तक कुल कोविड क्लेम 25 हजार करोड़ रुपए तक दर्ज किए गए। इनमें औसत दावा 1 लाख 54 हजार रुपये और औसत भुगतान 96,521 हजार रुपए तक हुआ। कोविड क्लेम में मरीज को औसत भुगतान 68 फीसदी रहा जबकि बाकी 32 फीसदी अपनी जेब से देना पड़ रहा है। 

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