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आकलन: 1.50 करोड़ डोज पर पूरी दिल्ली होगी कोविड प्रूफ, तीन महीने में टीकाकरण अभियान भी हो जाएगा पूरा
Wed, 06 Oct 2021 01:38 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 06 Oct 2021 01:38 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण केंद्रों पर दिल्ली के अलावा बाहरी राज्यों के निवासी भी वैक्सीन ले रहे हैं। कोविन वेबसाइट पर केवल कुल टीकाकरण का आंकड़ा शामिल किया जा रहा है। जबकि एक अनुमान के मुताबिक 10 में से करीब दो लोग बाहरी राज्य से हैं और वह दिल्ली के टीकाकरण केंद्र पर आकर वैक्सीन ले रहे हैं।
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दिल्ली में कोरोना टीकाकरण खत्म करने के लिए सरकार को अभी करीब 1.50 करोड़ वैक्सीन की जरूरत है। इसमें से एक करोड़ डोज उन लोगों के लिए होगी, जिनको दूसरी खुराक लेनी है। जबकि 50 लाख लोगों को दोनों डोज देनी है। दूसरी तरफ अभी तक राजधानी में 1.84 करोड़ से अधिक टीकाकरण हो चुका है। इसका खुलासा दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से हुआ है।
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रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी को जितना जल्दी वैक्सीन मिल जाएगी, उतना ही तेजी से यह लक्ष्य भी हो जाएगा। अगले तीन महीने में अगर 50-50 लाख वैक्सीन मिल जाए तो दिसंबर तक वैक्सीन की दोनों खुराक का टीकाकरण भी पूरा हो सकता है। दिल्ली के पास इस समय एक दिन में तीन लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन देने की क्षमता है। अगर दो खुराक के बीच तीन माह के अंतर का नियम भी लें तो भी हमारा टीकाकरण लगभग पूरा हो जाएगा लेकिन अभी की स्थिति ऐसी है कि टीकाकरण इस साल पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा।
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जानकारी के अनुसार दिल्ली में चार अक्तूबर तक कुल टीकाकरण 1,84,42,572 हो चुका है जिनमें 1.22 करोड़ लोगों ने पहली खुराक ली है। जबकि 61.47 लाख लोगों ने दोनों खुराक लेकर कोरोना टीकाकरण खत्म कर लिया है। चूंकि राजधानी में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की व्यस्क आबादी तकरीबन 1.50 करोड़ है। ऐसे में दिल्ली को पहली खुराक का टीकाकरण खत्म करने के लिए करीब 30 लाख और दूसरी खुराक का टीकाकरण पूरा करने के लिए करीब एक करोड़ वैक्सीन की आवश्यकता आगामी दिनों में पड़ेगी। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग ने 1.30 से 1.50 करोड़ वैक्सीन की जरुरत पड़ने का अनुमान लगाया है।
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कोविन वेबसाइट के अनुसार दिल्ली के 1396 केंद्रों पर रोजाना टीकाकरण किया जा रहा है। सप्ताह में रविवार को छोड़ अन्य सभी कार्य दिवस पर सरकारी केंद्रों पर निशुल्क वैक्सीन दी जा रही है। इसी का परिणाम है कि दिल्ली में रोजाना औसतन 1.50 से दो लाख लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। अगर साप्ताहिक टीकाकरण की स्थिति देखें तो 16 जनवरी से अब तक पहली बार 18 से 24 सितंबर के बीच दिल्ली में 11.59 लाख टीकाकरण दर्ज किया गया। जबकि 25 सितंबर से एक अक्तूबर के बीच यह संख्या 11.26 लाख दर्ज की गई है। इससे पहले सप्ताह में सबसे अधिक टीकाकरण का रिकॉर्ड 26 जून से दो जुलाई के बीच दर्ज किया गया था जब सात दिन में 10.96 लाख टीकाकरण हुआ था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस साल दिसंबर माह तक टीकाकरण खत्म करने के लिए दिल्ली को प्रत्येक माह करीब 50 लाख वैक्सीन खुराक की आवश्यकता है। अगर वर्तमान समय से इसकी तुलना करें तो राजधानी को अभी 60 फीसदी भी वैक्सीन नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से टीकाकरण भी एक गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाकी राज्यों की तुलना में दिल्ली छोटा और सीमित प्रदेश है। यहां तीन से चार महीने में टीकाकरण को खत्म किया जा सकता है लेकिन वैक्सीन आपूर्ति इसके लिए मायने रखती है।
बाहर वाले भी ले रहे दिल्ली में वैक्सीन
विभाग के अनुसार टीकाकरण केंद्रों पर दिल्ली के अलावा बाहरी राज्यों के निवासी भी वैक्सीन ले रहे हैं। कोविन वेबसाइट पर केवल कुल टीकाकरण का आंकड़ा शामिल किया जा रहा है। जबकि एक अनुमान के मुताबिक 10 में से करीब दो लोग बाहरी राज्य से हैं और वह दिल्ली के टीकाकरण केंद्र पर आकर वैक्सीन ले रहे हैं। इसमें एनसीआर के अलावा वह लोग भी शामिल हैं जिनके पास दिल्ली का आधार कार्ड या मतदाता पत्र नहीं है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि आगामी दिनों में दिल्ली को 1.30 करोड़ से भी कहीं अधिक वैक्सीन की जरुरत पड़ सकती है। हालांकि यह सटीक आकलन एक महीने बाद ही संभव हो सकता है जब तक एकल खुराक का टीकाकरण पूरा न हो जाए।