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Delhi News: केजरीवाल-सिसोदिया के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति फाइल पेश करे ईडी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से संबंधित मूल फाइल पेश करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने यह आदेश आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद पारित किया, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उन्हें आरोपी के रूप में नामित करने वाली शिकायत पर संज्ञान लिया गया था। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने नोट किया कि उपनिदेशक (सतर्कता) ने 30 दिसंबर, 2024 के पत्र में दर्ज किया था कि सक्षम प्राधिकारी ने अभियोजन के लिए स्वीकृति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि स्वीकृति वास्तव में बाद में 14 फरवरी, 2025 को दी गई थी। इस विसंगति पर सवाल उठाते हुए, ईडी के विशेष अभियोजक जोहेब हुसैन ने स्पष्टीकरण के लिए समय मांगा और स्वीकृति फाइल पेश करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने फाइल पेश करने का आदेश दिया और ईडी को स्पष्टीकरण के लिए अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की अनुमति दी। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2026 को होगी। ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से संबंधित मूल फाइल पेश करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने यह आदेश आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद पारित किया, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उन्हें आरोपी के रूप में नामित करने वाली शिकायत पर संज्ञान लिया गया था। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने नोट किया कि उपनिदेशक (सतर्कता) ने 30 दिसंबर, 2024 के पत्र में दर्ज किया था कि सक्षम प्राधिकारी ने अभियोजन के लिए स्वीकृति दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि स्वीकृति वास्तव में बाद में 14 फरवरी, 2025 को दी गई थी। इस विसंगति पर सवाल उठाते हुए, ईडी के विशेष अभियोजक जोहेब हुसैन ने स्पष्टीकरण के लिए समय मांगा और स्वीकृति फाइल पेश करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने फाइल पेश करने का आदेश दिया और ईडी को स्पष्टीकरण के लिए अतिरिक्त हलफनामा दायर करने की अनुमति दी। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी, 2026 को होगी। ब्यूरो
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