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Earthquake: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, देर तक कांपती रही धरती

Fri, 03 Nov 2023 11:52 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 03 Nov 2023 11:52 PM IST
सार

दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं। 

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Earthquake in Delhi NCR news update in hindi
Earthquake - फोटो : istock

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और उत्तराखंड सहित उत्तर भारत में तेज भूकंप आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके करीब 20 सेकेंड तक महसूस किये गये। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है। भूकंप के तेज झटकों के कारण लोगों में हड़कंप मच गया। लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों का कहना है कि उन्होंने काफी देर तक झटके महसूस किए। रिक्टर पैमान पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई है। 

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क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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