फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   due to navratri the price of fruits increases price will be reduced after diwali and chhath puja

महंगा पड़ेगा फलाहार: नवरात्र में फलों के दाम भी छूने लगे आसमान, सेब हुआ और 'लाल'

Thu, 07 Oct 2021 02:01 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 07 Oct 2021 02:01 AM IST
सार

फ्रुट एंड वेजिटेबल वकर्स एसोसिएशन आजादपुर के अध्यक्ष मुकेश कुमार का कहना है कि नवरात्र में फलों की मांग बढ़ जाती है। इस लिहाज से आवक भी नहीं रहती। जम्मू-कश्मीर में इस साल ठीक से बरसात नहीं हुई। इस वजह से सेब के भाव बढ़े हुए हैं। 

विज्ञापन
due to navratri the price of fruits increases price will be reduced after diwali and chhath puja
फल खरीदतीं महिलाएं - फोटो : amar ujala

विस्तार

हर साल की तरह इस साल भी फलाहार पर रहना महंगा पड़ेगा। नवरात्र शुरू होने के साथ ही फलों के भाव में उछाल आ गया है। सेब के भाव तो पहले से ही बढ़े थे अब यह और लाल हो गया है तो केला भी 50 रुपये से 70 रुपये प्रति दर्जन बिकने लगा है। खास बात यह भी है कि अब फलों के भाव में कमी के लिए काफी इंतजार करना होगा। क्योंकि दीपावली, छठ पूजा के बाद ही इस भाव में कमी आने की उम्मीद है।

विज्ञापन


हर साल की तरह इस साल भी फलों के भाव नवरात्र के दिनों में आमान छूने लगे है। सेब की बात करें तो एक सप्ताह पहले थोक मंडी में 40-50 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाला अब 60-100 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। खुदरा मार्केट की बात करें तो 80 रुपये से 150 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। 
विज्ञापन


यहीं स्थित मौसमी की है। मौसमी 60 रुपये प्रतिकिलो थोक मंडी में आ रहा है। इसी तरह नाग भी अपना तेवर कड़ा कर लिया है। नाग नाम से बिकने वाला फल इनदिनों मंडी में 1500 रुपया पेटी बिक रहा है। जबकि एक सप्ताह पहले इसका भाव 1000 रुपये था। प्रतिकिलो की बात करें तो नाग फुटकर बाजार में 30-50 रुपये और बाबूगोशा 70 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। इसी तरह पपीता भी 50-60 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनार, मौसमी और सेब आदि के भाव में नवरात्र आने से पहले ही काफी इजाफा हो गया। महाराष्ट्र के नासिक में अधिक बारिश होने के कारण वहां अनार और मौसमी की आवक में कमी आई है। इसके अलावा हरा नारियल, कीवी के भाव में भी इजाफा हो गया है। 

सेब क्यों हुआ महंगा
मौसम की वजह से सेब तो लाल हुआ ही साथ ही जम्मू-कश्मीर में इनदिनों लोग उलटाई में लगे हैं यानी फल तोड़ने में लगे हैं। इस वजह से भराई नहीं हो रही है। साथ ही जम्मू में यह नियम है कि एक गाड़ी प्रवेश करेगी तो ही फलों से लदी दूसरी गाड़ी को छोड़ा जाएगा। ऐसे में आवक कम रह रही है। दूसरी तरफ हिमाचल का फल इनदिनों सिर्फ स्टोरेज में है और भाव बढ़ने के साथ उसे मार्केट में भेजा जाता है।


भाव कम होने में लगेगा वक्त 
फ्रुट एंड वेजिटेबल वकर्स एसोसिएशन आजादपुर के अध्यक्ष मुकेश कुमार का कहना है कि नवरात्र में फलों की मांग बढ़ जाती है। इस लिहाज से आवक भी नहीं रहती। जम्मू-कश्मीर में इस साल ठीक से बरसात नहीं हुई। इस वजह से सेब के भाव बढ़े हुए हैं। उनका मानना है कि फलों के भाव में कमी दीपावली और छठ के बाद ही होगी। साल के शुरुआत में कोरोना के वजह से फलों की मांग बढ़ी तो अब डेंगू और वायरल बुखार के चलते भी इनकी खपत बढ़ी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed