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Delhi Doctor Strike: दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर, एम्स में जारी रहेंगी सेवाएं
Fri, 17 Dec 2021 09:27 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 17 Dec 2021 09:27 AM IST
सार
अस्पताल प्रबंधन को लिखे पत्र में रेजिडेंट ने साफ तौर पर लिखा है कि वह किसी भी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं में हिस्सेदारी नहीं लेंगे। इसके कुछ देर बाद डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल), सफदरजंग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और रोहिणी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी हड़ताल में हिस्सा लेने की घोषणा की।
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रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान मरीज व परिजन ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सफदरजंग, जीटीबी, लोकनायक, आरएमएल सहित दिल्ली के लगभग सभी बड़े अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर शुक्रवार से हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हड़ताल नहीं है लेकिन अन्य अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी और कोविड वार्ड में ड्यूटी देने से रेजिडेंट डॉक्टरों ने साफ इनकार कर दिया है। इसी के साथ ही मरीजों के लिए भी अब इलाज ले पाना काफी परेशानी से भरा हो सकता है।
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स्वास्थ्य सेवाएं बरकरार रखने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन एक सप्ताह पहले हुई हड़ताल के दौरान वरिष्ठ डॉक्टर न ओपीडी में दिखाई दिए थे और न इमरजेंसी में मिले जिसके चलते सफदरजंग अस्पताल में एक महिला मरीज की मौत तक हो गई थी।
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बृहस्पतिवार को जीटीबी के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के चलते शुक्रवार सुबह नौ बजे से हड़ताल पर जाने की सूचना दी है। अस्पताल प्रबंधन को लिखे पत्र में रेजिडेंट ने साफ तौर पर लिखा है कि वह किसी भी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं में हिस्सेदारी नहीं लेंगे। इसके कुछ देर बाद डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल), सफदरजंग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और रोहिणी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी हड़ताल में हिस्सा लेने की घोषणा की। यहां भी डॉक्टरों ने सभी तरह की चिकित्सीय सेवाओं में मौजूद नहीं रहने की जानकारी दी है।
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दरअसल नीट पीजी काउंसलिंग का पूरा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट की ओर से इस मसले की अगली सुनवाई आगामी छह जनवरी को होनी है लेकिन डॉक्टरों का विरोध पिछले एक महीने से चल रहा है। बीते छह दिसंबर को जब दिल्ली के अस्पतालों में हड़ताल शुरू हुई तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने वकील के जरिए कोर्ट में सुनवाई को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए डॉक्टरों से कुछ दिन का समय मांगा था।
इसलिए नौ दिसंबर को डॉक्टरों ने एक सप्ताह के लिए हड़ताल स्थगित भी की लेकिन बीते बुधवार फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने देर रात बयान जारी करते हुए 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा करते हुए देश के अलग अलग राज्यों में मौजूद रेजिडेंट डॉक्टरों से सहयोग भी मांगा है। इसी के चलते बृहस्पतिवार को राजधानी के अलग अलग अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।