{"_id":"6186cd54e3b22f0a23726871","slug":"do-not-use-pencil-on-omr-sheet-answer-written-with-pen-will-be-considered-correct-ashram-news-noi6143706166","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओएमआर शीट पर पेंसिंल ना चलाएं, पेन से लिखा उत्तर ही माना जाएगा सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओएमआर शीट पर पेंसिंल ना चलाएं, पेन से लिखा उत्तर ही माना जाएगा सही
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं-बारहवीं की टर्म-1 परीक्षा में ओएमआर शीट पर पेंसिंल से उत्तर देना छात्र को मंहगा पड़ सकता है। बोर्ड ने ओएमआर शीट पर पेसिंल का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित किया है। छात्र के पेंसिंल का प्रयोग करने पर उसे नकल (अनुचित साधनों का इस्तेमाल) के रूप में माना जाएगा।
ऐसा करने पर छात्र के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। ओएमआर शीट पर पेन से लिखे उत्तर को सही माना जाएगा। शीट में नीले या काले पेन से गोले को काला करने के साथ-साथ उत्तर को बॉक्स मेें भी लिखना होगा। बॉक्स में लिखे गए उत्तर को ही आखिरी माना जाएगा।
सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा को लेकर स्कूलों को छात्रों के लिए ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट समझाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज की ओर से जारी निर्देशों मेें कहा गया है कि बोर्ड दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए पहली बार ओएमआर का उपयोग कर रहा है। ऐसे में सभी छात्रों और स्कूलों को ओएमआर शीट के विषय मेें जानकारी दिया जाना जरूरी है। बोर्ड की ओर से स्कूलों को छात्रों व शिक्षकों के लिए अभ्यास सत्र आयोजित करने के लिए भी कहा गया है। जिससे वह ओएमआर शीट को अच्छी तरह से समझ सकें।
विज्ञापन
बोर्ड कोरोना महामारी के कारण पहली बार दो चरणों (टर्म-1, टर्म-2) मेें परीक्षा आयोजित कर रहा है। टर्म-1 की परीक्षा पचास फीसदी पाठ्यक्रम के साथ नवंबर-दिसंबर में होनी है। जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। टर्म-2 की परीक्षा शेष पचास फीसदी पाठ्यक्रम के साथ मार्च-अप्रैल में होगी। बोर्ड ने ओएमआर शीट को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है।
बोर्ड ने स्कूलों को ओएमआर की सैंपल कॉपी भी भेजी है। ओएमआर में पहले से ही छात्र का ब्यौरा भरा होगा। छात्र को शीट में प्रश्न पत्र का पेपर कोड़ लिखना होगा।
ओएमआर शीट की मुख्य बातें
. शीट में नीचे दिए गए बॉक्स में हाथ से लिखना होगा कि मैं पुष्टि करता हूं कि ऊपर दिया गया ब्यौरा सही है। इसके लिए भी काले व नीले बॉल पैन का प्रयोग करना होगा।
. शीट मेें कुल प्रश्नों के बावजूद 60 प्रश्नों के उत्तर देने की जगह है। उत्तर क्रम अनुसार देने होंगे।
. यदि छात्र ने एक से ज्यादा उत्तर दिए तो उसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
. उत्तर देने के लिए काले-नीले पैैन से ए, बी, सी, डी के गोले के साथ एक बॉक्स व एक अतिरिक्त गोला होगा
. सबसे पहले छात्र को ए, बी, सी, डी में से किसी एक गोले को काला करना होगा, यदि गोले वाले उत्तर से छात्र संतुष्ट हैं तो छात्र को उसे बॉक्स में उत्तर को ए, बी, सी, या डी के रूप में लिखना होगा।
. बॉक्स में उत्तर लिखने के लिए इसलिए दिया गया है जिससे वह अपना उत्तर बदलना चाहे तो बदल सके।
. सबसे अंतिम गोले को काला तभी करना होगा जब वह उस प्रश्न को हल नहीं करना चाहता।
. ए, बी, सी, डी वाले गोले को काला कर दिया और बॉक्स खाली है तो माना जाएगा कि उन्होंने प्रश्न को हल नहीं किया है।
. यदि बॉक्स में उत्तर दिया गया है और गोले को खाली छोड़ा गया है तो यह माना जाएगा कि छात्र ने प्रश्न को हल किया है।
विज्ञापन
ऐसा करने पर छात्र के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। ओएमआर शीट पर पेन से लिखे उत्तर को सही माना जाएगा। शीट में नीले या काले पेन से गोले को काला करने के साथ-साथ उत्तर को बॉक्स मेें भी लिखना होगा। बॉक्स में लिखे गए उत्तर को ही आखिरी माना जाएगा।
विज्ञापन
सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा को लेकर स्कूलों को छात्रों के लिए ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट समझाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज की ओर से जारी निर्देशों मेें कहा गया है कि बोर्ड दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए पहली बार ओएमआर का उपयोग कर रहा है। ऐसे में सभी छात्रों और स्कूलों को ओएमआर शीट के विषय मेें जानकारी दिया जाना जरूरी है। बोर्ड की ओर से स्कूलों को छात्रों व शिक्षकों के लिए अभ्यास सत्र आयोजित करने के लिए भी कहा गया है। जिससे वह ओएमआर शीट को अच्छी तरह से समझ सकें।
विज्ञापन
बोर्ड कोरोना महामारी के कारण पहली बार दो चरणों (टर्म-1, टर्म-2) मेें परीक्षा आयोजित कर रहा है। टर्म-1 की परीक्षा पचास फीसदी पाठ्यक्रम के साथ नवंबर-दिसंबर में होनी है। जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। टर्म-2 की परीक्षा शेष पचास फीसदी पाठ्यक्रम के साथ मार्च-अप्रैल में होगी। बोर्ड ने ओएमआर शीट को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है।
बोर्ड ने स्कूलों को ओएमआर की सैंपल कॉपी भी भेजी है। ओएमआर में पहले से ही छात्र का ब्यौरा भरा होगा। छात्र को शीट में प्रश्न पत्र का पेपर कोड़ लिखना होगा।
ओएमआर शीट की मुख्य बातें
. शीट में नीचे दिए गए बॉक्स में हाथ से लिखना होगा कि मैं पुष्टि करता हूं कि ऊपर दिया गया ब्यौरा सही है। इसके लिए भी काले व नीले बॉल पैन का प्रयोग करना होगा।
. शीट मेें कुल प्रश्नों के बावजूद 60 प्रश्नों के उत्तर देने की जगह है। उत्तर क्रम अनुसार देने होंगे।
. यदि छात्र ने एक से ज्यादा उत्तर दिए तो उसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
. उत्तर देने के लिए काले-नीले पैैन से ए, बी, सी, डी के गोले के साथ एक बॉक्स व एक अतिरिक्त गोला होगा
. सबसे पहले छात्र को ए, बी, सी, डी में से किसी एक गोले को काला करना होगा, यदि गोले वाले उत्तर से छात्र संतुष्ट हैं तो छात्र को उसे बॉक्स में उत्तर को ए, बी, सी, या डी के रूप में लिखना होगा।
. बॉक्स में उत्तर लिखने के लिए इसलिए दिया गया है जिससे वह अपना उत्तर बदलना चाहे तो बदल सके।
. सबसे अंतिम गोले को काला तभी करना होगा जब वह उस प्रश्न को हल नहीं करना चाहता।
. ए, बी, सी, डी वाले गोले को काला कर दिया और बॉक्स खाली है तो माना जाएगा कि उन्होंने प्रश्न को हल नहीं किया है।
. यदि बॉक्स में उत्तर दिया गया है और गोले को खाली छोड़ा गया है तो यह माना जाएगा कि छात्र ने प्रश्न को हल किया है।