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Delhi : यातायात कानून तोड़ने पर जाना पड़ सकता है जेल, पुलिस को जल्द मिलने वाला है विशेष अधिकार
Mon, 10 Jul 2023 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 10 Jul 2023 05:37 AM IST
सार
जल्द ही इसके लिए पुलिस को विशेष अधिकार मिलने वाला है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने द गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट 1985 को दिल्ली में विस्तारित करने की सिफारिश की है। इस बारे में उन्होंने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भी भेजा है।
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विस्तार
दिल्ली में यातायात कानून तोड़ने पर अब जेल भी हो सकेगी। जल्द ही इसके लिए पुलिस को विशेष अधिकार मिलने वाला है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने द गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट 1985 को दिल्ली में विस्तारित करने की सिफारिश की है। इस बारे में उन्होंने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भी भेजा है।
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इस कानून के तहत सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए खतरनाक अपराधियों, अवैध शराब बेचने वालों, नशे के अपराधियों, यातायात कानून को तोड़ने वाले और संपत्ति हड़पने वालों की ओर से की जाने वाली असामाजिक और खतरनाक गतिविधियों को रोकने के लिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लेने का प्रावधान है। दिल्ली के गृह विभाग ने 27 जून को दिल्ली में गुजरात के कानून को लागू करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश (कानून) अधिनियम की धारा 2 के तहत अधिसूचना जारी करने के लिए प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा था।
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उपराज्यपाल ने मार्च में गृह विभाग के उस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी जिसमें कहा गया था कि कुछ संगीन मामलों में दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 को प्रभावी तरीके से लागू करना चाहिए। इसके बाद गुजरात अधिनियम के लिए मांग की गई।
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