{"_id":"69230d93346986758a0fcacc","slug":"delhi-tribunal-directs-compensation-of-rs-1-1-crore-to-family-of-serviceman-killed-in-accident-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: ट्रक की टक्कर से सूबेदार की हुई थी मौत, मृतक के परिवार को 1.1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: ट्रक की टक्कर से सूबेदार की हुई थी मौत, मृतक के परिवार को 1.1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश
Sun, 23 Nov 2025 07:05 PM IST
राहुल तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: राहुल तिवारी
Updated Sun, 23 Nov 2025 07:05 PM IST
सार
दिल्ली में 2021 के सड़क हादसे में सेना के सूबेदार की मौत पर परिवार को एक करोड़ दस लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। दिल्ली ट्रिब्यूनल ने माना कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही से हुआ था और मृतक पर सहदोष साबित नहीं हुआ।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI
विस्तार
दिल्ली की एक मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 43 वर्षीय सेना के सूबेदार की मौत के मामले में उनके परिवार को एक करोड़ दस लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह हादसा साल 2021 में हुआ था। अधिकारी सुदीप राज सैनी ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि मृतक शराब के असर में दोपहिया चला रहे थे, इसका मतलब यह नहीं है कि वे हादसे के लिए जिम्मेदार थे।
विज्ञापन
दिल्ली ट्रिब्यूनल उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे दीपक कुमार के परिजनों ने दायर किया था। पांच जुलाई 2021 को एक ट्रक ने उनकी दोपहिया को टक्कर मारी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। अठारह नवंबर को दिए गए आदेश में अधिकरण ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुआ।
विज्ञापन
ट्रिब्यूनल ने माना कि दीपक शराब के असर में वाहन चला रहे थे और फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक शराब की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी। हालांकि, अधिकरण ने दिल्ली हाई कोर्ट के वर्ष 2020 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सहदोष साबित करने के लिए दो बातें जरूरी हैं। पहली, शराब की मात्रा तय सीमा से ज्यादा हो और दूसरी, शराब का असर हादसे में किसी तरह शामिल हो।
विज्ञापन
एक चश्मदीद के बयान के आधार पर ट्रिब्यूनल ने कहा कि ट्रक चालक ही लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और ऐसा कोई सबूत नहीं है कि दीपक कुमार ने अपनी दोपहिया गलत तरीके से चलाई थी। इसलिए नशे की स्थिति के आधार पर मृतक को सहदोषी नहीं माना जा सकता।
दिल्ली ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि हादसे के समय मृतक ने हेलमेट नहीं पहना था, लेकिन यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें उन्हें केवल सिर की चोटें आई हों, जिनसे हेलमेट पहनने पर बचाव हो सकता था। अंत में अदालत ने परिवार को कुल एक करोड़ दस लाख रुपये का मुआवजा विभिन्न मदों में देने का आदेश दिया, जिसमें आश्रितों की हानि के लिए लगभग 98.88 लाख रुपये शामिल हैं। अदालत ने ट्रक की बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को पूरी राशि जमा कराने का निर्देश दिया।