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दिल्ली: प्रदेश वासियों को लाइसेंस के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार, बनेंगे सात नए ट्रैक
Thu, 07 Oct 2021 10:24 PM IST
अनुराग सक्सेना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Thu, 07 Oct 2021 10:24 PM IST
सार
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट में शामिल होने के लिए पहले ही ऐसे 11 ट्रैक बनाए गए हैं ताकि आवेदकों को लंबा इंतजार न करना पड़े। परिवहन मंत्री हाल ही में कहा था कि अब केवल दक्ष चालकों के ही लाइसेंस बनेंगे।
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कैलाश गहलोत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी में वाहन चालकों को राहत देने के लिए जल्द ही दिल्ली में सात नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग की सेवाएं फेसलेस होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट में शामिल होने के लिए पहले ही ऐसे 11 ट्रैक बनाए गए हैं ताकि आवेदकों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक के तैयार होने से केवल दक्ष चालकों के ही लाइसेंस बन सकेंगे। नए ट्रैक के तैयार होने से लोगों का इंतजार कम होगा और उन्हें नियत तारीख पर ही टेस्ट के लिए जाना होगा। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल दक्ष चालकों के ही लाइसेंस बनेंगे।
स्वचालित होने की वजह से कई आवेदक टेस्ट में फेल भी हो रहे हैं। इनकी संख्या 30 फीसदी से अधिक है। फिलहाल दिल्ली में 11 ऐसे ट्रैक हैं। सात नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक के लिए जगह चिन्हित कर लिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द इन्हें पूरा किया जाए ताकि लोगों की सहूलियतें और बढ़े।
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ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक के तैयार होने से केवल दक्ष चालकों के ही लाइसेंस बन सकेंगे। नए ट्रैक के तैयार होने से लोगों का इंतजार कम होगा और उन्हें नियत तारीख पर ही टेस्ट के लिए जाना होगा। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल दक्ष चालकों के ही लाइसेंस बनेंगे।
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स्वचालित होने की वजह से कई आवेदक टेस्ट में फेल भी हो रहे हैं। इनकी संख्या 30 फीसदी से अधिक है। फिलहाल दिल्ली में 11 ऐसे ट्रैक हैं। सात नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक के लिए जगह चिन्हित कर लिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द इन्हें पूरा किया जाए ताकि लोगों की सहूलियतें और बढ़े।
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