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विपक्ष के हंगामे के बीच दिल्ली का बजट पास बीच पास हुआ बजट

Sat, 13 Mar 2021 02:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 02:23 AM IST
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Delhi's budget passes amid opposition uproar
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे व वॉकआउट के बीच वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पास हो गया। बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फायदे का बजट बनाने पर अपनी पीठ थपथपाई, जबकि विपक्ष ने बजट को निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद विपक्ष ने सदन का वॉकआउट किया। विपक्षी सदस्यों की गैर मौजूदगी में बजट ध्वनि मत से पास हो गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। समय से पहले बजट सत्र खत्म होने के पीछे की वजह विधानसभा अध्यक्ष ने कारोना संक्रमण के खतरे को बताया है।
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दिल्ली की तरक्की ही देशभक्ति : सिसोदिया
बजट पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार के लिए दिल्ली की तरक्की देशभक्ति है। महिलाओं के लिए अलग से मोहल्ला क्लीनिक बनाने, बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए बेहतर ढांचा तैयार करने, पूरी दिल्ली में तिरंगा लहराने, युवाओं को रोजगार देने व व्यापारियों को काम देना ही देशभक्ति है। मनीष सिसोदिया के मुताबिक, जवानों व किसानों को सम्मान देना देशभक्ति है। सिसोदिया ने कहा कि बीते 15 साल से भाजपा निगम की सत्ता में है, लेकिन आज विद्यार्थी अपनी किताबों को भी नहीं पढ़ पाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सैनिकों की शहादत का श्रेय लेने के लिए आगे रहती हैै, लेकिन सुविधाएं देने में पीछे है। इस मौके पर शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के बजटीय प्रावधानों का विस्तार से बातें रखीं।
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बजट दिशाहीन : बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का बजट दिशाहीन व उदासीन है। स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रदूषण, परिवहन आदि से जुड़ी योजनाएं नाकाफी हैं। बजट में इसके लिए उचित प्रावधान नही किया गया है। बिधूड़ी के मुताबिक, सरकार ने ग्रामीण विकास बोर्ड व यमुनापार विकास बोर्ड के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है। इससे दोनों क्षेत्र उपेक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि देशभक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बढ़ी है। पाकिस्तान और चीन के दांत खट्टे किए हैं। वहीं, अगर दिल्ली सरकार राममंदिर का दर्शन कराने की बात कर रही है तो यह याद रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में ही मंदिर का सपना पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री के प्रयास से ही योग आज वैश्विक हो गया है। बिधूड़ी ने कहा कि पिछले सरकारों के बजट में वृद्धि दर औसतन 55 फीसदी रही है, जबकि आप सरकार की पिछले छह बजट में औसत वृद्धि 12 फीसदी ही है।
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पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक
मनीष सिसोदिया के देशभक्ति व रामराज्य की चर्चा के दौरान कुछ बातों पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायक हमलावर हो गए। इस पर विपक्ष के सदस्य भी आक्रामक नजर आए। सत्ता पक्ष के सदस्य भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे दोनों पक्षों की बात नहीं सुनाई पड़ रही है। विधानसभा अध्यक्ष के दखल के बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ तो नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन का वॉकआउट कर दिया।
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कोरोना की वजह से बजट सत्र हुआ छोटा
तयशुदा समय के हिसाब से बजट सत्र 8-16 मार्च के बीच चलना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच इसे पांच दिन में ही खत्म कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि बजट का काम पूरा हो गया है। इस वक्त दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित की जा रही है।
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विशेष उल्लेख के तहत हुई चर्चा:
विशेष उल्लेख (नियम संख्या 280) के तहत विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाई। विपक्ष की ओर से विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि विश्वास नगर विधानसभा क्षेत्र में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। उन्होंने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से विधायक अजय दत्त ने कहा कि आंबेडकर नगर अस्पताल के बराबर में बारात घर बनाया जा रहा है। इस संबंध में उपराज्यपाल अनिल बैजल व डीडीए उपाध्यक्ष अनुराग जैन को भी पत्र लगा। इसके बाद भी मिलने का समय नहीं दिया जा रहा।

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सत्ता पक्ष के विधायक की मुख्यमंत्री को नसीहत:
सत्ता पक्ष से प्रहलाद सिंह साहनी ने दिल्ली सरकार को ही सदन में सलाह दे डाली कि उनको रमजान के दौरान पानी व सीवर को बेहतर प्रबंधन करना चाहिए। बकौल साहनी, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित रमजान के मौके पर अलग-अलग कालोनियों में जाकर आम लोगों से मिलती थीं। जबकि संबंधित विभागों के मंत्री मुस्लिम बहुल इलाकों में जाते थे। उन्होंने मांग की कि रमजान से पहले कालोनियों में सीवर निकासी व पेयजल सप्लाई का पूरा इंतजाम होना चाहिए।
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