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दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट-2020 जारी: मृतकों में 85 फीसदी दोपहिया और पैदल चलने वाले, हिट एंड रन के 51 फीसदी मामले

Wed, 02 Feb 2022 09:18 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 02 Feb 2022 09:18 PM IST
सार

रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि सर्वाधिक मौतें सप्ताहांत के दौरान हुईं। रविवार रात 12 बजे से दो बजे की अवधि को सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद घातक बताया गया है। दुर्घटनाओं में 107 महिलाओं की मौत हुई।

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Delhi Road Accident Death Report-2020 released: 85 percent of the dead were two wheelers and pedestrians 51 percent of hit and run cases
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

दिल्ली में वर्ष 2020 में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 1,197 लोगों की मौत हो गई। इनमें सर्वाधिक 85 फीसदी मौतें दोपहिया और पैदल चलने वालों की हुई हैं। इस दौरान हुईं दुर्घटनाओं में 51 फीसदी मामले हिट एंड रन के थे। ऐसे मामलों की संख्या में पिछले साल की तुलना में चार फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सड़क सुरक्षा के मामले में कार्यरत अग्रणी एजेंसी (आरएसएलए) ने वैश्विक संस्था ब्लूमबर्ग के सहयोग से तैयार दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट (दिल्ली रोड क्रैश फैटलिटीज रिपोर्ट)-2020 बुधवार को जारी की गई।

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रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि सर्वाधिक मौतें सप्ताहांत के दौरान हुईं। रविवार रात 12 बजे से दो बजे की अवधि को सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद घातक बताया गया है। दुर्घटनाओं में 107 महिलाओं की मौत हुई। बाइक की पीछे की सीट पर बैठने वाली अधिकतर महिलाएं हेलमेट नहीं पहनती हैं, इसलिए दुर्घटना होने पर जोखिम अधिक होता है।

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परिवहन मंत्री बोले- रोकी जा सकती हैं दुर्घटनाएं

रिपोर्ट जारी होने पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि हमें पहली रिपोर्ट जारी करते हुए गर्व हो रहा है। इसमें सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण के आधार पर अधिक जोखिम वाले बिंदुओं की पहचान कर रहे हैं। पहचान के बाद इन स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके। अध्ययन और सड़क के मौजूदा स्वरूप में बदलाव ने साबित कर दिया है कि दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं। इन साक्ष्यों पर आधारित रिपोर्ट से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

प्रमुख सचिव सह परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा ने कहा कि रिपोर्ट में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। इससे स्पष्ट होता है कि पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालकों को अधिक खतरा होता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. सारा व्हाइटहेड ने कहा कि परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा प्रमुख एजेंसी के साथ सहयोग करने और दुर्घटना के लिहाज से जोखिम वाले बिदुओं की पहचान के लिए तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। रिपोर्ट के निष्कर्ष से डिजाइन में बदलाव और घातक दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। इससे लोगों की जानें बचाई जा सकेंगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2017 में रोड सेफ्टी लीड एजेंसी (आरएसएलए) का गठन किया गया था।

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दिल्ली सड़क दुर्घटना मृत्यु रिपोर्ट के निष्कर्ष

. मोटर साइकिल चालक और पीछे बैठने वाली 45 फीसदी सवारी जबकि सड़क हादसे में 40 प्रतिशत मौतें हुई हैं।
. 2020 में होने वाली कुल 1,197 मौतों से 89 फीसदी मामले पैदल चलने वाले, दोपहिया और साइकिल चालकों की हुई है।
. 30-34 और 50-54 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए मृत्यु का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक है। 60 वर्ष से अधिक उम की महिलाओं को सड़क दुर्घटना में जान का जोखिम होने की बात सामने आई।
. दोपहिया चालकों में 20 से 34 साल के बीच आयु के सर्वाधिक 179 पुरुषों की 2020 में मौतें हुईं।
. पैदल चलने वालों की मृत्यु पुरुषों और महिलाओं की उम्र के साथ धीरे-धीरे बढ़ती गई। पैदल चलने वाले एक लाख लोगों में 65-69 वर्ष के आयु वर्ग के पुरुष जबकि 70-74 वर्ष की आयु की महिलाएं       सर्वाधिक थीं।
. सप्ताह भर रोजाना रात आठ बजे से एक बजे के बीच सर्वाधिक दुर्घटनाएं हुईं, लेकिन रात 12 बजे से एक बजे तक सर्वाधिक घटनाएं हुईं। बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार रात 10 बजे से रात 12 बजे के बीच होने वाली दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतें हुई हैं। इस दौरान रविवार रात 12 से दो बजे का वक्त मौत के लिहाज से सर्वाधिक घातक माना गया है।
. सड़क दुर्घटनाओं के मृतकों में 475 पैदल चलने वाले थे जबकि 60 फीसदी से पैदल चलने वालों की मौत के मामले हिट-एंड-रन के थे। 

आउटर रिंग रोड पर हुई सर्वाधिक मौतें 

. अधिक जोखिम वाले कॉरिडोर के तौर पर जीटीके रोड-आजादपुर गोल चक्कर से सिंघु, वजीराबाद रोड और पुस्ता रोड। इन पर प्रति किलोमीटर सबसे ज्यादा मौतें हुईं। आउटर रिंग रोड और रिंग रोड पर 2020 में सबसे अधिक मौतें हुईं।
. उच्च जोखिम वाले क्षेत्र: आजादपुर चौक, बाहरी रिंग रोड का चौराहा और वजीराबाद रोड औरफॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रोहिणी, सेक्टर 14 - आउटर रिंग रोड के सामने का स्ट्रेच को अधिक जोखिम वाला क्षेत्र माना गया है।

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