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दिल्ली दंगा: हत्या के बाद रामलीला मैदान में जला दिया था शव, पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश

Fri, 17 Sep 2021 12:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 17 Sep 2021 12:24 AM IST
सार

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पांच लोगों ने मोहम्मद अनवर को गोली मार दी और दिल्ली के करावल नगर इलाके में उनके घर के सामने रामलीला मैदान के अंदर आग लगा दी, क्योंकि वह एक अलग समुदाय से था। पुलिस ने कहा कि उसके पैर का केवल एक छोटा सा टुकड़ा ही बरामद किया जा सका है।
 

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Delhi riots Instructions to prosecute five accused in the case of burning the dead body after the murder
delhi violence - फोटो : जी पॉल

विस्तार

अदालत ने दिल्ली दंगों के दौरान करावल नगर में रामलीला मैदान के अंदर एक व्यक्ति को कथित रूप से आग लगाने के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या और आगजनी के आरोप तय कर दिए। अदालत ने कहा सभी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है।
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दिल्ली पुलिस के अनुसार, पांच लोगों ने मोहम्मद अनवर को गोली मार दी और दिल्ली के करावल नगर इलाके में उनके घर के सामने रामलीला मैदान के अंदर आग लगा दी, क्योंकि वह एक अलग समुदाय से था। पुलिस ने कहा कि उसके पैर का केवल एक छोटा सा टुकड़ा ही बरामद किया जा सका है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के समक्ष पेश सभी आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। वे मुकदमे का सामना करेंगे। इसके बाद अदालत ने सभी के खिलाफ अभियोग तय करते हुए अभियोजन पक्ष को गवाहों को पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा सभी आरोपियों के कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) स्थान घटना की तारीख को मौके पर पाए गए हैं।
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 दिल्ली पुलिस के अनुसार दंगो के दौरान आरोपियों लखपत राजोरा, योगेश, ललित और कुलदीप ने मोहम्मद अनवर को गोली मार दी और करावल नगर इलाके में उनके घर के सामने रामलीला मैदान के अंदर आग लगाकर जला दिया। इस कारण वह अलग समुदाय से था। पुलिस ने कहा कि उसके पैर का केवल एक छोटा सा टुकड़ा ही बरामद किया जा सका है।

अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील से भी सहमति जताई कि आरोपी सीसीटीवी फुटेज में इस कारण दिखाई नहीं दे रहे क्योंकि दंगाइयों ने आसपास के हर कैमरे को तोड़ दिया था और हिंसा के दौरान डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

उन्होंने कहा भले ही पब्लिक के गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी हुई हो, लेकिन वह इस तथ्य को नहीं भूल सकते कि पुलिस को उनका पता लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि लोग हैरान और आहत थे और उन्हें मामले में रिपोर्ट करने के लिए साहस जुटाने में समय लगा।

अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा, घातक हथियार से लैस), 149 (गैर-कानूनी सभा के सदस्य), 302 (हत्या), 395 (डकैती), 436 (आग या विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग) इत्यादि धाराओं में मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।
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