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दिल्ली दंगा: अदालत ने 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पांच आरोपियों को दी जमानत
Mon, 11 Jan 2021 11:36 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:36 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने पूर्वी दिल्ली में पिछले वर्ष हुए दंगो में लिप्त पांच आरोपियों को दो मामलों में जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा कि मामले में सहआरोपी जमानत पर है और वे समानता के आधार पर जमानत के हकदार है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दयालपुर इलाके में दंगों के दौरान एक कार शोरूम में कथित गुंडागर्दी और आग लगाने के मामले में आरोपी शेबू खान, हामिद, शकील और जा मोहम्म्द को जमानत प्रदान की है। अदालत ने सभी की जमानत 20 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक-एक अन्य जमानत राशि पर मंजूर की है। अदालत ने कहा कि इस मामले में 13 अन्य आरोपी जमानत पर है और समानता के अधिकार के तहत वे जमानत के हकदार है।
वहीं अदालत ने गोकलपुरी इलाके में दंगाई भीड़ द्वारा कथित तौर पर एक दुकान की बर्बरता और लूटपाट से संबंधित मामले में आरोपी मोहम्मद ताहिर को जमानत प्रदान की है। अदालत ने कहा कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और न ही उसके खिलाफ कोई ठोस आरोप है। इतना ही नहीं आरोपी पुलिस द्वारा पेश किसी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है और न ही उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड लोकेशन रिकॉर्ड पर उपलब्ध थी।
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अदालत ने सभी आरोपियों को निर्देश दिया कि वे सबूतों से छेड़छाड़ न करें और अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करें। सुनवाई के दौरान शकील और जान की ओर से पेश हुए एडवोकेट नासिर अली ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह घटना की तारीख पर कथित सीन ऑफ क्राइम में मौजूद नहीं थे।
आरोपियों के वकीलों ने तर्क रखा था कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है और उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। वहीं सरकार वकील ने कहा कि मामले में आरोपपत्र दायर हो चुका है लेकिन जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को धमका सकते है। पिछले वर्ष हुए दंगो में 53 लोग मारे गए थे जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए थे।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दयालपुर इलाके में दंगों के दौरान एक कार शोरूम में कथित गुंडागर्दी और आग लगाने के मामले में आरोपी शेबू खान, हामिद, शकील और जा मोहम्म्द को जमानत प्रदान की है। अदालत ने सभी की जमानत 20 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक-एक अन्य जमानत राशि पर मंजूर की है। अदालत ने कहा कि इस मामले में 13 अन्य आरोपी जमानत पर है और समानता के अधिकार के तहत वे जमानत के हकदार है।
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वहीं अदालत ने गोकलपुरी इलाके में दंगाई भीड़ द्वारा कथित तौर पर एक दुकान की बर्बरता और लूटपाट से संबंधित मामले में आरोपी मोहम्मद ताहिर को जमानत प्रदान की है। अदालत ने कहा कि आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं है और न ही उसके खिलाफ कोई ठोस आरोप है। इतना ही नहीं आरोपी पुलिस द्वारा पेश किसी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है और न ही उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड लोकेशन रिकॉर्ड पर उपलब्ध थी।
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अदालत ने सभी आरोपियों को निर्देश दिया कि वे सबूतों से छेड़छाड़ न करें और अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करें। सुनवाई के दौरान शकील और जान की ओर से पेश हुए एडवोकेट नासिर अली ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह घटना की तारीख पर कथित सीन ऑफ क्राइम में मौजूद नहीं थे।
आरोपियों के वकीलों ने तर्क रखा था कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है और उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। वहीं सरकार वकील ने कहा कि मामले में आरोपपत्र दायर हो चुका है लेकिन जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को धमका सकते है। पिछले वर्ष हुए दंगो में 53 लोग मारे गए थे जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए थे।