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ऑक्सीजन कालाबाजारी मामला: नवनीत कालरा की रिमांड अवधि बढ़ाने से अदालत ने किया इनकार
Sat, 22 May 2021 03:03 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 22 May 2021 03:03 PM IST
सार
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार नवनीत कालरा की रिमांड अवधि बढ़ाने से शनिवार के एक बार फिर अदालत ने इनकार कर दिया है।
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नवनीत कालरा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार नवनीत कालरा की रिमांड अवधि बढ़ाने से शनिवार के एक बार फिर अदालत ने इनकार कर दिया है। हालांकि शुक्रवार को भी पुलिस ने रिमांड की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने इनकार करते हुए कालरा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
पुलिस ने आज फिर रिमांड अवधि को पांच दिनों के लिए बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, कालरा की तरफ से केस लड़ रहे वकील विनीत मल्होत्रा ने पुलिस के दावों को गलत ठहराते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच पड़ताल में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।
शुक्रवार को भी पुलिस की अर्जी खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि जांच एजेंसी द्वारा अभियुक्त की पहले से ली गई तीन दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जो भी जानकारी व सामान हासिल करना था, वह पहले ही हासिल किया जा चुका है। ऐसे में उनका मानना है कि अभियुक्त की पुलिस हिरासत बढ़ाकर कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला।
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अदालत ने कहा था कि उनका मानना है कि रिमांड अवधि बढ़ाने का कोई आधार नहीं है। इसलिए वो पुलिस के आवेदन को खारिज कर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे भेजने का आदेश देती है। इससे पूर्व दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने आरोपी की पांच दिन की रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा था कि आरोपी के मोबाइल फोन के जरिए किए लेनदेन की जानकारी लेनी है। मोबाइल फोन को सील कर दिया गया है।
उन्होंने कहा था कि आरोपी के 23 बैंक खाते बताए जा रहे हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड प्राप्त करना है। आरोपी जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहा। उन्होंने कहा था कि अन्य आरोपियों, बैंक डिटेल व अन्य जानकारी हासिल करने के लिए आरोपी की पांच दिन की रिमांड अवधि बढ़ाई जाए।
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पुलिस ने आज फिर रिमांड अवधि को पांच दिनों के लिए बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, कालरा की तरफ से केस लड़ रहे वकील विनीत मल्होत्रा ने पुलिस के दावों को गलत ठहराते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच पड़ताल में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं।
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शुक्रवार को भी पुलिस की अर्जी खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि जांच एजेंसी द्वारा अभियुक्त की पहले से ली गई तीन दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जो भी जानकारी व सामान हासिल करना था, वह पहले ही हासिल किया जा चुका है। ऐसे में उनका मानना है कि अभियुक्त की पुलिस हिरासत बढ़ाकर कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला।
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अदालत ने कहा था कि उनका मानना है कि रिमांड अवधि बढ़ाने का कोई आधार नहीं है। इसलिए वो पुलिस के आवेदन को खारिज कर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे भेजने का आदेश देती है। इससे पूर्व दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने आरोपी की पांच दिन की रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा था कि आरोपी के मोबाइल फोन के जरिए किए लेनदेन की जानकारी लेनी है। मोबाइल फोन को सील कर दिया गया है।
उन्होंने कहा था कि आरोपी के 23 बैंक खाते बताए जा रहे हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड प्राप्त करना है। आरोपी जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहा। उन्होंने कहा था कि अन्य आरोपियों, बैंक डिटेल व अन्य जानकारी हासिल करने के लिए आरोपी की पांच दिन की रिमांड अवधि बढ़ाई जाए।