फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi : Per capita income decreased by 5.91%, yet three times the national average

दिल्ली : प्रति व्यक्ति आय 5.91% घटी फिर भी राष्ट्रीय औसत से तीन गुना

Tue, 09 Mar 2021 02:22 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 02:22 AM IST
विज्ञापन
Delhi : Per capita income decreased by 5.91%, yet three times the national average
नई दिल्ली। दिल्ली में बीते नौ साल में पहली बार प्रति व्यक्ति आय में गिरावट आई है। वित्तीय वर्ष 2019-2020 की तुलना में दिसंबर 2020 तक प्रति व्यक्ति आय 5.91 फीसदी कमी आई है और इसमें और गिरावट का अनुमान है, हालांकि राष्ट्रीय औसत से अब भी तीन गुना ज्यादा है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी 3.92 फीसदी कमी आई है। दिल्ली विधान सभा में सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 में यह तस्वीर सामने आई है।
विज्ञापन

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 3,54,004 अनुमानित है। जबकि इससे एक साल पहले आंकड़ा 3,76,221 रुपये था। इस लिहाज से इसमें 5.91 प्रतिशत की गिरावट आई है। दिलचस्प यह कि नौ सालों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय कम हुई है। इससे पहले के सालों में इसमें 7.70 फीसदी से लेकर 11.12 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई थी। हालांकि गिरावट के बावजूद दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से बहुत आगे है। चालू कीमतों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 1,27,768 रही, जबकि दिल्ली का आंकड़ा 3,54,004 रुपये है।
विज्ञापन

वित्तीय घाटे में 39 फीसदी तक बढ़ोतरी
दिल्ली का वित्तीय घाटा 2019-20 में 3227.79 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2018-19 में 1489.38 करोड़ था। इस बीच वित्तीय घाटा 20 प्रतिशत से बढ़कर 39 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं, जीएसडीपी में चालू कीमतों पर 2020-21 में पिछले साल की तुलना में 3.92 और स्थिर कीमतों पर 5.68 फीसदी की कमी का अनुमान है। हालांकि, बीते छह सालों में जीएसडीपी 45 फीसदी बढ़ा है। यह वित्त वर्ष 2015-16 के 5,50,804 करोड़ रुपये से बढ़कर 2020-21 में 7,98,310 करोड़ रुपये हो गया है। दूसरी तरफ दिल्ली ने अपना राजस्व आधिक्य बनाए रखा है। सत्र 2019-20 के दौरान यह आंकड़ा 7,499 करोड़ और 2018-19 में 6,261 करोड़ था। ऋण और सकल राज्य घरेलू उत्पाद वित्तीय वर्ष 2011-12 के 8.61 प्रतिशत से घटकर 2019-20 में 4.15 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
लॉॅकडाउन के कारण 7 साल में सबसे साफ रही दिल्ली की हवा
नई दिल्ली। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने सहित स्थानीय कारकों के कारण यूं तो राजधानी प्रदूषण का हॉटस्पॉट है, लेकिन पिछले सात साल की तुलना में वायु प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा लॉकडाउन के कारण हुआ। इस दौरान दिल्ली सड़कों पर वाहन नहीं दिखे और उद्योग धंधे भी बंद रहे।

आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 के बाद 2020-21 में प्रदूषण का स्तर सबसे कम दर्शाया गया है। वहीं, वन और हरित क्षेत्र में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इनकी हिस्सेदारी21.88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वर्ष 2014 में पार्टिकुलर मैटर (पीएम) 10 का औसत स्तर 324 और पीएम 2.5 का स्तर 149 रहा था, जबकि 2020-21 में पीएम 10 का स्तर 187 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 101 रहा है। इस आकड़े से स्पष्ट है कि लॉकडाउन और अच्छे मौसम के चलते लोगों को साफ हवा मिली। हवा में सल्फर, नाइट्रोजन, कार्बन, ओजोन के स्तर में भी गिरावट आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed