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नर्सरी दाखिला: सौ अंकों के फॉर्मूले में स्कूलों की मनमानी जारी, पहले आओ पहले पाओ के लिए भी अंक

Sun, 21 Feb 2021 11:14 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 21 Feb 2021 11:14 PM IST
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delhi nursery admission Schools continue to be arbitrary in hundred-point formula
नर्सरी एडमिशन - फोटो : pti
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में बीते सप्ताह से शैक्षणिक सत्र 2021-22 में नर्सरी दाखिले की रेस शुरू हो चुकी है। स्कूलों ने एक बार फिर से अपने सौ अंकों के फॉर्मूले में मनमाने मानकों को शामिल किया है। यह मनमाने व प्रतिबंधित मानक अभिभावकों के लिए दाखिले का सबब बने हुए हैं। कुछ स्कूलों ने जहां पहले आओ पहले पाओ मानक को अंक दिए हैं तो कुछ स्कूलों ने अभिभावकों के प्रोफेशन के लिए ही अंक निर्धारित कर दिए हैं।
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लगभग पचास ऐसे मानक हैं, जिन्हें स्कूल अपने दाखिला मानकों में शामिल नहीं कर सकते हैं। इन मानकों को हाईकोर्ट व शिक्षा निदेशालय ने प्रतिबंधित किया हुआ है। बावजूद स्कूलों ने इन्हें अपने मानकों में जगह दी है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को अपने मानक अपलोड करने के लिए 17 फरवरी तक का समय दिया था। उसके बाद शिक्षा निदेशालय के लिंक पर कुल 1187 स्कूलों ने अपने मानक अपलोड किए हैं। जबकि 538 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने अब तक अपने मानकों को अपलोड नहीं किया है।
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इस कारण से काफी अभिभावकों को स्कूलों के क्राइटेरिया का पता नहीं चल पा रहा है। दाखिला मानकों का पता नहीं होने के कारण अभिभावक फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि ऐसे कहीं फॉर्म भरने का समय खत्म ना हो जाए।
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एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। सभी स्कूलों ने अपने मानकों को अपलोड नहीं किया है। वहीं 20-25 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने प्रतिबंधित किए गए मानकों को अपने दाखिला मानकों में शामिल किया है। लगभग 15 स्कूलों ने ट्रांसर्फर को मानक केरुप में शामिल किया है। इसी तरह से अभिभावक के प्रोफेशन (डॉक्टर, पुलिस व हेल्थ वर्कर) के लिए भी अंक दिए गए हैं। 

कुछ स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने पीरिवहन के लिए 10 से 30 अंक तक दिए हैं। जिसमें ब्लूम पब्लिक स्कूल व क्वींन ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। वहीं कुछ ने पहले आओ पहले पाओ को मानक बनाया है। श्रीराम ग्लोबल स्कूल तो एसआरसीसी व एलएसआर कॉलेज में पढ़ चुके अभिभावकों को एल्युमिनी के अंक दे रहा है।


सुमित वोहरा कहते हैं कि अभिभावकों को नहीं पता चल रहा कि वह कहां मानक देखें। जिन स्कूलों ने अब तक मानक जारी नहीं किए उन पर शिक्षा निदेशालय को कार्रवाई करनी चाहिए। जिन स्कूलों ने प्रतिबंधित मानकों को शामिल किया है, उन्हें निदेशालय ने पहले चेक क्यों नहीं किया। ऐसा नहीं होने से परेशानी अभिभावकों को ही हो रही है।
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