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Biodiversity Park Delhi : अरावली, नीला हौज, उत्तरी रिज में बढ़ी तितलियों की संख्या
Mon, 17 Oct 2022 06:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Oct 2022 06:56 AM IST
सार
Delhi : दिल्ली के जैव विविधता पार्कों में तितलियों की मौजूदगी बढ़ी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) के अरावली, नीला हौज और उत्तरी रिज में बीते छह सालों में तितलियों की सबसे अधिक संख्या दर्ज हुई है।
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विस्तार
दिल्ली के जैव विविधता पार्कों में तितलियों की मौजूदगी बढ़ी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) के अरावली, नीला हौज और उत्तरी रिज में बीते छह सालों में तितलियों की सबसे अधिक संख्या दर्ज हुई है। यह बात एक सप्ताह तक दिल्ली के सात जैव विविधता पार्कों में किए गए अध्ययन में सामने आई है। इससे पर्यावरण प्रेमियों में खासा उत्साह है।
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सात पार्कों में किए गए मूल्यांकन में तितली के पांच परिवारों की 76 प्रजातियों की 5922 तितलियों की मौजूदगी दर्ज हुई है। इनमें सबसे अधिक दस प्रजातियां में धब्बेदार उत्प्रवासी, सामान्य उत्प्रवासी, प्लेन टाइगर, पीला नारंगी टिप, कॉमन ग्रास यलो, स्ट्राइप्ड टाइगर,स्मॉल ग्रास यलो , लेमन पैंसी, लाइम बटरफ्लाई और कॉमन गल है। हालांकि, सबसे प्रतिष्ठित प्रजातियों में कॉमन शॉट सिल्वरलाइन, पेंटेड लेडी, कॉमन रोज, ब्लू टाइगर, इंडियन स्कीपर और परनारा स्विफ्ट है। अरावली जैव विविधता पार्क में सर्वाधिक 68 प्रजातियां पाई गई हैं। इसके बाद नीला हौज में 28 और उत्तरी रिज में 59 प्रजातियां मिली हैं, जबकि कालिंदी जैव विविधता पार्क में सबसे कम 12 प्रजातियां पाई गई हैं।
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दिल्ली में तितलियों के दो तरह के आवास क्षेत्र
दिल्ली में तितलियों के दो तरह के आवास क्षेत्र हैं। इसमें शुष्क जेरोफाइटिक अरावली रिज और मेसोफाइटिक यमुना बाढ़ के मैदान परिभाषित क्षेत्र हैं। तितलियां पारिस्थितिक प्रक्रिया यानी परागण में भाग लेने वाली प्रमुख जीव हैं, जिसके बिना मानव जीवन असंभव है। जो आवास महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता है, तितलियां संकेतक के रूप में भी कार्य करती हैं। स्थानीय जलवायु में भिन्नता का संकेत भी देती हैं।
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इस तरह किया गया अध्ययन : दिल्ली के यमुना, अरावली, तिलपथ घाटी, उत्तरी रिज, नीला हौज, तुगलकाबाद और कालिंदी जैव विविधता में 10 से 16 अक्तूबर तक तितलियों की प्रजातियों की आबादी और आवास को लेकर मूल्यांकन किया गया था। तितलियों को गिनने के लिए फोटोग्राफी और दस्तावेजों की मदद ली गई। इस दौरान पाया गया कि तितलियां सुबह 10:30 बजे के बाद पारा 24 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर सक्रिय हुई। इस दौरान तितलियों को धूप सेंकते और कीचड़ के आसपास पाया गया। डीडीए जैव विविधता पार्कों में विकसित आवास में तितलियों के लार्वा और अंडे भी देखे गए।