दिल्ली में जन्माष्टमी : इस बार ऑनलाइन कीजिए कान्हा के दर्शन, तैयारियां जोरों पर
- दिव्य 108 अमृतमय द्रव्यों से होगा कान्हा का अभिषेक, जन्माष्टमी उत्सव के दिन भगवान को 1 लाख 25 हजार भोग होंगे अर्पित
- डिजाइनर पोशाक में नजर आएंगे गिरधर गोपाल, ग्रेमी अवॉर्ड के लिए नामित गौर मणि माता के कीर्तन का होगा लाइव प्रसारण
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मनाने की तैयारियां जोर शोर से की जा रही हैं, मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। दिव्य 108 अमृतमय द्रव्यों से कान्हा के लिए भोग तैयार हो रहे हैं। कृतृम रत्नजड़ित पोशाकें बनवाई जा रही हैं। दूसरी तरफ सरकार की तरफ से भीड़भाड़ के साथ उत्सव मनाने की छूट नहीं है इसलिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन उत्सव से जोड़ने की तैयारी है।
कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर द्वारका इस्कॉन मंदिर में भरपूर उल्लास के साथ भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों, लताओं, मणि-मालाओं से सजे मंदिर में भगवान का दिव्य अमृतमय 108 दिव्य द्रव्यों से अभिषेक कर उनकी महाआरती की जाएगी। इस बार उन्हें विशेष भोग भी लगाया जाएगा।
लाइव आरती के लिए हो रहा रजिस्ट्रेशन
कोरोना का खतरा खत्म नहीं हुआ है। इसलिए अभी मंदिर खुले हैं, लेकिन यहां भीड़भाड़ की अनुमति नहीं है। ज्यादातर मंदिरों में जन्माष्टमी की औपचारिक कार्यक्रम होगा। मंदिर मार्ग पर प्रसिद्ध बिड़ला मंदिर इस बार भी जन्माष्टमी पर केवल औपचारिक आयोजन करेगा। आम लोगों को आयोजन में जाने की अनुमति नहीं है।
मयूर विहार के राधा स्वामी सत्संग मंदिर, श्री बालाजी धाम मंदिर में जन्माष्टमी पर सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा। जहां आयोजन होगा वहां भक्तों को ऑनलाइन उत्सव से जोड़ने की तैयारी है। इस्कॉन द्वारका ने भक्तों को अभिषेक और आरती में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा दी है। मंदिर प्रांगण 24 घंटे कीर्तन होगा, इसका लाइव प्रसारण इस्कॉन द्वारका के यूट्यूब चैनल पर होगा। चांदनी चौक, पंजाबी बाग, रोहिणी और ईस्ट ऑफ कैलाश इस्कॉन मंदिर में भव्य जन्माष्टमी उत्सव मनाने की तैयारी है। लेकिन चुनिंदा लोगों को यहां जाने का मौका मिलेगा।
गौर मणि के कीर्तन आकर्षक होंगे
58वें ग्रेमी अवॉर्ड के लिए नामित गौर मणि देवी का कीर्तन द्वारका इस्कॉन के साथ ऑनलाइन जुड़ने वाले श्रद्धालुओं को लुभाएंगी। अपने कीर्तन और प्रार्थना से वह श्रद्धालुओं को ईश्वर से जोड़ेंगी। हरे कृष्ण महामंत्र को कई धुनों, लय व रागों के साथ प्रस्तुत करेंगी।
डिजाइनर होगी कान्हा की पोशाक
जन्माष्टमी पर कान्हा की पोशाक आकर्षण होगी। दिल्ली के जाने-माने फैशन डिजाइनर इसे तैयार कर रहे हैं। द्वारका इस्कॉन में कान्हा के लिए हर साल मथुरा वृंदावन से पोशाक आती थी। इस साल दिल्ली में बनी पोशाक वह धारण करेंगे।
1 लाख 25 हजार भोग लगाए जाएंगे
इस्कॉन की तरफ से 56 भोग की तर्ज पर 1 लाख 25 हजार भोग लगाए जाएंगे, जिन्हें पंचतारा होटल के उच्चस्तरीय शेफ की देखरेख में तैयार किया जाएगा। भक्तों तक प्रसाद पहुंचाने के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से मदद ली गई है। जन्माष्टमी पर इस्कॉन संस्थापक ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद का 125वां जन्मोत्सव की खुशियां भी साझा करेगा।
इम्यूनिटी बढ़ाएगा भगवान का प्रसाद
जन्माष्टमी के अवसर पर 125 केंद्रों पर भोजन वितरण किया जाएगा। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खाने में देसी घी के तड़के के साथ लौंग, इलायची, दालचीनी, जावित्री, करी पत्ता जैसे मसालों का उपयोग किया जा रहा है।
बाजारों में रौनक
जन्माष्टमी के उत्सव से पहले बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। रोहिणी, शालीमार बाग, मोतीनगर, राजौरी गार्डेन, पालम, लाजपत नगर, मयूर विहार, नंद नगरी और शाहदरा के बाजारों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए पूजा और सजावट के सामान खरीदे गए। नंदनगरी के पटरी बाजार में बाल गोपाल की पोशाकें, मूर्तियां, बांसुरी, सजावट के सामान लोग खरीदकर घर ले गए। छोटे बच्चों के लिए 500 से 1000 रुपए में बाल गोपाल पोशाकें, 300 से 750 रुपए तक के झूले, अलग-अलग कीमतों की बांसुरी और मूर्तियां भी लोग खरीदकर ले गए। मयूर विहार के दुकानदार संजय गोयल ने बताया कि अधिकतर परिवार के लोग पूजा-पाठ का सामान खरीदकर ले जा रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल रौनक ज्यादा है।
सोसायटी में भी उत्सव की तैयारी
पूर्वी दिल्ली की उपकार हाउसिंग सोसायटी के मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव की तैयारी हो रही है। पास की यूनाइटेड, समाचार, गैलेक्सो, शेखर और आशियाना सोसायटी के लोग भी यहीं उत्सव मनाएंगे। दीपक बिज ने बताया कि इस साल सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे गीत-संगीत की प्रस्तुत करेंगे।
अक्षरधाम में उत्सव की कोई सूचना नहीं
सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन अक्षरधाम मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए अमूमन बंद रहता है। लेकिन उत्सव के मौके पर मंदिर परिसर में किसी प्रकार का उत्सव होगा, इसकी कोई घोषणा मंदिर प्रशासन की तरफ से नहीं की गई है।