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टीके का पहला दिनः हर अस्पताल में सफाई कर्मचारी और नर्सों ने दिखाई दिलेरी
Sun, 17 Jan 2021 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Jan 2021 05:04 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
कोरोना टीकाकरण के पहले दिन दिल्ली में 81 जगहों पर टीका लगना शुरू हुआ। देर शाम तक हर केंद्र पर टीकाकरण चलता रहा लेकिन राजधानी के अस्पतालों में तैनात चुनिंदा डॉक्टर ही कोरोना टीका के लिए आगे आए। ज्यादात्तर अस्पतालों में सफाई कर्मचारी और नर्सिंग कर्मचारियों ने ही टीका लगवाया। दिल्ली एम्स की बात करें तो यहां पहले दिन निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया सहित दो डॉक्टरों ने ही टीका लगवाया। जबकि एम्स में 2 हजार से अधिक डॉक्टर हैं।
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यहां एक दिन में 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगना था जिसमें से डॉक्टर सिर्फ दो थे। ठीक इसी तरह आरएमएल अस्पताल में केवल दो डॉक्टर ने टीका लगवाया। इनमें से एक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके राणा थे। इस तरह लोकनायक अस्पताल की बात करें तो यहां पांच, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एक, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में तीन, जीटीबी अस्पताल में चार और दिल्ली स्टेट कैंसर अस्पताल में पांच डॉक्टरों ने ही कोरोना का टीका लगवाया।
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यह स्थिति तब है जब दिल्ली के ज्यादात्तर डॉक्टर कोरोना वायरस को लेकर शुरूआत से जंग लड़ते आए हैं। इनका मानना है कि कोरोना वायरस का बचाव जागरुकता के साथ किया जा सकता है। कोरोना टीका को लेकर हर कोई सुरक्षा का दावा कर रहा है लेकिन टीका लगाने के लिए इनमें से ज्यादात्तर लोग फिलहाल कुछ दिन का इंतजार करना ही बेहतर मान रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने इन सभी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों से टीका नहीं लगवाने के कारणों पर जवाब मांगा तो किसी ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। साथ ही इन्होंने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं किए जाने के लिए भी कहा।
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दिल्ली के चार बड़े अस्पताल लोकनायक, एम्स, सफदरजंग और आरएमएमल अस्पताल में लगभग एक जैसी स्थिति देखने को मिली। सफदरजंग अस्पताल और आरएमएल में रेजीडेंट डॉक्टरों ने स्वदेशी टीका लेने से इंकार कर दिया। जबकि राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने टीका नहीं लगवाया। नई दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि अभी टीकाकरण को लेकर उन्होंने फैसला नहीं लिया है। अगले कुछ दिन तक स्थिति देखने के बाद भी वह तय करेंगे।
एम्स में सभी विभागाध्यक्षों को लगना था टीका
शनिवार सुबह टीकाकरण की शुरूआत से पहले एम्स के डॉ. संजय राय ने कहा था कि टीकाकरण शुरू होते ही सबसे पहले एम्स के सभी विभागाध्यक्षों को टीका लगाया जाना है। इसमें निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी शामिल हैं लेकिन देर शाम तक सभी विभागाध्यक्ष टीका की डोज लेने नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं टीकाकरण कार्यक्रम के शुभारंभ पर मौजूद डॉक्टरों में से भी ज्यादात्तर कार्यक्रम खत्म होने के बाद उलटे पैर वापस चले गए। इन्होंने भी टीका नहीं लगवाया।