{"_id":"6067be198ebc3ee65001d117","slug":"delhi-news-now-transport-services-will-also-be-online","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदलाव : अब परिवहन सेवाएं भी होंगी ऑनलाइन, दफ्तर के चक्कर से मिलेगी निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदलाव : अब परिवहन सेवाएं भी होंगी ऑनलाइन, दफ्तर के चक्कर से मिलेगी निजात
Sat, 03 Apr 2021 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Apr 2021 06:30 AM IST
सार
- परिवहन विभाग ने तमाम दफ्तरों की कार्यप्रणाली में किया बदलाव
- 70 सेवाओं को फेसलेस बनाने के लिए ट्रायल की शुरुआत
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : Social
विस्तार
ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी सहित परिवहन विभाग से संबंधित दस्तावेजों के लिए लोगों को अब अधिक इंतजार नहीं करना होगा। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों सहित तमाम दफ्तरों की कार्यप्रणाली में बदलाव किया है ताकि लोगों को कम इंतजार कर भी बेहतर सेवाएं मिल सके। इसके तहत विभाग ने 70 सेवाओं को फेसलेस बनाने के लिए ट्रायल की शुरुआत कर दी है। इसके लागू होने से आवेदकों को बार बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
विज्ञापन
आवेदन की संख्या अधिक होने की वजह से एमएलओ दफ्तरों में रोजाना सैकड़ों आवेदकों की भीड़ होती है। जल्द से जल्द उनके कार्य हो सकें, इसके लिए सुविधाएं भी बेहतर की गई हैं। बावजूद आवेदन अधिक होने की वजह से इंतजार का वक्त कम नहीं हो रहा है। द्वारका सेक्टर-10 स्थित दफ्तर में स्थायी लाइसेंस के लिए करीब एक महीने बाद ही तारीख दी जा रही है तो अन्य दफ्तरों में भी इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
70 सेवाएं की जाएंगी फेसलेस
परिवहन विभाग से संबंधित दस्तावेजों के लिए अभी तक लोगों को आवेदन के लिए दफ्तरों में जाना होता है। फॉर्म भरने, पेमेंट के बाद भी उन्हें कई बार बिचौलियों से ठगे जाने का खतरा बना रहता है। संक्रमण काल में बेहतर सहूलियतें देने के लिए परिवहन विभाग ने आरसी, लाइसेंस, परमिट या रिन्युअल सहित 70 सेवाओं को दो चरणों में फेसलेस करने के लिए ट्रायल शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
इसके तहत ऑनलाइन मिलने वाले आवेदन के आधार पर दस्तावेज तैयार कर होम डिलीवरी की जा रही है। सेवाएं फेसलेस किए जाने से आवेदक को दफ्तर पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। फॉर्म भरने, भुगतान सहित तमाम जरूरतें ऑनलाइन की जा सकेंगी। विभागीय अधिकारी के मुताबिक इसके लिए सभी दफ्तरों में ट्रायल आधार पर सुविधाएं मुहैया की जा रही हैं। सफलता के बाद इसे लागू किया जाएगा।
64 फीसदी लोगों के घरों तक भेजे गए दस्तावेज
18 फरवरी से मार्च के आखिर तक परिवहन विभाग को आरसी और लाइसेंस के लिए 77 हजार से अधिक आवेदन मिले थे। इनमें से 64 फीसदी आवेदकों के घर पर ही दस्तावेज भेज दिए गए। उन्हें न तो आवेदन और न ही दस्तावेज हासिल करने के लिए दफ्तर जाने की जरूरत पड़ी।
सभी एमएलओ और आरटीओ में परिवहन सेवाओं को फेसलेस बनाने के लिए ट्रायल चल रहा है। परिवहन विभाग की कोशिश है कि सभी 70 सेवाओं को इस दायरे में लाया जाए। हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस लिए टेस्ट में शामिल होने के लिए आगे भी जाना पड़ेगा।