किसान आंदोलनः एक पैर से साइकिल चलाकर सिंघु बॉर्डर पहुंचे जगतार
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नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान जगतार मिसाल हैं। उनका जज्बा भी लोगों के लिए मिसाल बना है। वह कहते हैं कि जब तक यह कानून वापस नहीं होगा, तब तक घर नहीं लौटूंगा। इसके लिए उनके प्राण ही क्यों न निकल जाएं।
छह बीघे में खेती करने वाले जगतार गुरदासपुर पंजाब के हैं। एक पैर से दिव्यांग है, इस आंदोलन में शामिल होने का जोश उनके चेहरे पर साफ दिखाई देता है। जगतार गुरदासपुर से दिल्ली सिंघु बॉर्डर तक वह एक पैर से साईकिल के पैडल मारकर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि छह बीघे का छोटा सा किसान हूं। 3-3 बीघा दोनों भाइयों के हिस्से में है। एक महीने से यहां डटा हूं, गांव गया लेकिन मन नहीं माना वापस आ गया।
दिल्ली से पंजाब तक दो बार साइकिल से आये-गये। एक आर्टिफिशियल पैर है। उन्होंने बताया कि एक घ्रटना में उन्होंने अपना पैर गवां दिया। पांच वर्ष पहले खेत में काम करते समय वट्रैक्टर से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। पैर कट जाने के बाद उन्होंने हौसला नहीं खोया।
आर्टीफिशियल पैर लगवाकर उसके सहारे ही जिंदगी शुरू की। नए कृषि कानून से उन्हें जमीन पूंजीपतियों के हाथ जाने का खतरा उन्हें सता रहा है। इसलिए विरोध करने के लिए यहां पर पहुंचे हैं।
वह बोले कि जब वह एक पैर से साइकिल चला कर पंजाब से दिल्ली तक पहुंच सकते हैं। तो अपने हकों की लड़ाई के लिए इन सड़कों एक- दो महीनों तक क्यों नहीं रह सकता। पूरा पंजाब यहां पर डटा है, तो मैं भी उन्हीं में से एक हूं। उनका एक दोस्त भी उसी हौसले के साथ उनके मदद के लिए हमेशा कंधा से कंधा मिलाकर डटा है।
सिंघु बार्डर पर लगाया गया आरओ प्लांट
दिल्ली हरियाणा के सिंघु बार्डर पर 59वां दिन भी जारी रहा किसानों का प्रर्दशन। आंदोलन स्थल पर पर्यावरण को सुरक्षित बनाये रखने के लिए खालसा ऐड की ओर से आर ओ का प्लांट लगाया गया हैं। शनिवार को प्रर्दशन के दौरान बार्डर पर जुटे किसानो के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई हैं। इसमें हर घंटे 2000 लीटर पानी एक बार में आर ओ से साफ होगा।
पानी फिल्टर होने के बाद जो भी पानी बच कर बाहर होगा उससे जो सेवादार वॉसिंग मशीन के द्वारा कपड़ो की धुलाई कर रहे हैं उसमें इस्तेमाल किया जायेगा। खालसा ऐड के डायरेक्टर अमरप्रीत ने बताया कि पानी की समस्या दिन पर दिन बढ़ रही हैं। बोतल का पानी काफी मंहगा पड़ रहा हैं। ऐसे में मेडिकल कैम्प में किसानो की समस्या का पता करने के बाद में पता चला की किसानो को पेट में पानी की वजह से समस्यांऐ आ रही हैं।
कुंडली बार्डर पर पानी नमकीन होने की वजह से पेट में बुजुर्ग किसानो से लेकर युवाओं तक में कब्ज और पेट दर्द की दिक्कत हो रही हैं। इसकी वजह से खालसा ऐड ने फंड का इस्तेमाल करते हुये आर ओ प्लांट लगाने का निर्णय लिया। शनिवार से आरओ प्लांट चालू हो गया हैं। प्लांट चालू होने की वजह से जो लोगो को पानी की समस्या से निजात मिलेगी और प्लास्टिक की बोतल का भी प्रर्दशन स्थल पर इस्तेमाल कम हो जायेगा।