{"_id":"600b690cc4285671ca331f18","slug":"delhi-news-fraudster-trying-to-steal-cpu-of-delhi-hi-tech-police-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली की हाईटेक पुलिस के सीपीयू उड़ा रहा था जालसाज, पकड़ा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली की हाईटेक पुलिस के सीपीयू उड़ा रहा था जालसाज, पकड़ा गया
Sat, 23 Jan 2021 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 23 Jan 2021 05:38 AM IST
सार
- चार थाना पुलिस को तो भनक भी नहीं लगी
- आरोपी को सीपीयू ले जाते हुए मुखर्जी नगर थाना पुलिस ने दबोचा
- कई और थानों से सीपीयू उड़ाने की आशंका
- दो थाना पुलिस ने मामला ही दर्ज नहीं किया
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
लोनी, गाजियाबाद का जालसाज खुद को हाईटेक कहने वाली दिल्ली पुलिस को ही चूना लगा रहा था। कंप्यूटर इंजीनियर आरोपी ने दिल्ली पुलिस के पांच से ज्यादा थानों से सीपीयू उड़ा लिए। वह जब मुखर्जी नगर थाने से सीपीयू उड़ा कर ले जा रहा था तो संदेह होने पर मुखर्जी नगर थाना पुलिस ने उसे दबोच लिया।
विज्ञापन
आरोपी के कब्जे से जाफराबाद व प्रीत विहार थाने से उड़ाए सीपीयू बरामद कर लिए हैं। खास बात ये है कि दो थाना पुलिस ने सीपीयू ले जाने का मामला भी दर्ज नहीं किया। थानों से सीपीयू उड़ाने से दिल्ली पुलिस अधिकारी सकते हैं। आरोपी थानों में कंप्यूटर ठीक करने पहुंच जाता था और थानों के पुलिस अधिकारियों को भनक तक नहीं लगती थी।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान लोनी, गाजियाबाद निवासी अमित भारद्वाज (39) के रूप में हुई है। आरोपी का पत्नी से दहेज प्रताड़ना आदि का केस चल रहा है। वह टेक महिन्द्रा का टेक्नीशियन बनकर थानो में जाता था। वह कंप्यूटर चेक करने के बाद कहता था कि कंप्यूटर यहां ठीक नहीं होगा। सीपीयू को कंपनी में ले जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
इस तरह वह प्रीत विहार, जाफराबाद, शास्त्री पार्क और खुरेजी से सीपीयू उड़ाकर ले गया। आरोपी अमित भारद्वाज दो दिन पहले जब मुखर्जी नगर से सीपीयू ले जाने लगा तो पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। मुखर्जी नगर थाना पुलिस ने उसे सीपीयू ले जाते हुए दबोच लिया।
आरोपी के कब्जे से प्रीत विहार व जाफराबाद थाने से उड़ाए सीपीयू बरामद कर लिए हैं। आरोपी इन थानों के सीपीयू को बेचने की फिराक में था, मगर वह बेच नहीं पाया था। पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि उसने शास्त्री पार्क व खुरैजी थाने से भी सीपीयू उड़ाए थे, मगर इन थानों पुलिस ने सीपीयू ले जाने को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है।
आखिर पुलिसकर्मी क्यों नहीं चेते
किसी भी थाने के पुलिसकर्मी ने ये जहमत तक उठाने की कोशिश नहीं कि जब थाने में कंप्यूटर ठीक करने किसी को बुलाया नहीं तो आरोपी कैसे ठीक करने आ गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातरय इंजीनियर तो एक बार बुलाने पर भी कंप्यूटर ठीक करने नहीं आते हैं। हालांकि जाफराबाद थाना पुलिस ने सीपीयू खराब होने की सूचना टेक महिन्द्रा को दी थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को सूचना देने के बारे में कैसे पता लग गया।
टेक महिन्द्रा में काम कर चुका है
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों ने आरोपी ने कंप्यूटर में डिप्लोमा किया हुआ है और वह पहले टेक महिन्द्रा में काम कर चुका है। आरोपी को दिल्ली पुलिस की वर्किंग के बारे में पता था। उसे ये भी पता था कि दिल्ली पुलिस के कंप्यूटर कहां-कहां होते हैं। बताया जा रहा है कि जिन सीपीयू को वह उड़ाता था उनमें महत्वपूर्ण जानकारी होती थी।