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दुखदः 'अमंगल' के बाद किसान छोड़ गए गणतंत्र पर प्रहार के निशान, सब हैं हैरान, लाल किला बंद
Thu, 28 Jan 2021 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 28 Jan 2021 05:17 AM IST
सार
- लाल किला और आईटीओ का चौराहा बना हिंसा परेड का गवाह
- तिलक ब्रिज पर खड़ी डीटीसी बसों को देख हर कोई रह गया दंग
- भारत की धरोहर लाल किला को पहुंची चोट, जगह जगह तोड़फोड़ और मनमानी के निशान
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दिल्ली : प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : PTI
विस्तार
दिल्ली की सड़कों पर मंगलवार को हिंसक प्रदर्शन करने के बाद उपद्रवी लौट गए लेकिन अगली सुबह हर तरफ गणतंत्र पर प्रहार के वो निशां दिखाई दे रहे थे। लाल किला और आईटीओ का चौराहा हिंसा परेड का गवाह बना है। बुधवार को तिलक ब्रिज से गुजरने वाला हर कोई क्षतिग्रस्त अवस्था में खड़ी बसों को देख दंग रह गया। ट्रैक्टर परेड में बेकाबू भीड़ की करतूत का अंदाजा इन्हीं बसों के जरिए लगाया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर भारत की धरोहर लाल किला को गहरी चोट भी पहुंची है। यहां जगह जगह तोड़फोड़ और मनमानी के निशां साफ दिखाई दे रहे हैं।
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लाल किला परिसर में ही पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त पड़ा है जिसे देख साफ पता चलता है कि हिंसा की रणनीति लेकर लाल किले की प्राचीर तक पहुंचे उपद्रवियों ने किस कदर इसे अंजाम दिया। लाल किला परिसर में मौजूद दीवारों को तोड़ा गया। यहां मौजूद कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। सीसीटीवी कैमरों को तोड़म दिया गया। पुलिस की कुर्सियों को उखाड़ फेंक दिया। इतना ही नहीं गणतंत्र दिवस के चलते परेड में शामिल झांकियों को भी इन्होंने नहीं छोड़ा। कई झांकियों को उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचा।
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दरअसल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली लेकिन पहले से तय मार्ग से हटकर यह रैली आईटीओ चौराहे तक पहुंच गई। यहां तिलक ब्रिज के पास दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ उपद्रवियों ने हिंसा की। वहीं लाल किला पहुंच तिरंगे के साथ धार्मिक झंडा तक फहराया।
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इसी बीच दिल्ली के दूसरे इलाके मुकरबा चौक, गाजीपुर, टिकरी बॉर्डर, नांगलोई इत्यादि जगहों पर भी हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं। देर रात तक पुलिस की सख्ती के बाद सभी उपद्रवी धीरे धीरे दिल्ली तो छोड़ गए लेकिन अगली ही सुबह जब दिल्ली वाले अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने सड़कों पर खड़े क्षतिग्रस्त वाहन, कांच के टुकड़े, टूटे डिवाइडर देख उपद्रव की तस्वीर का अंदाजा लगाया।
उधर उपद्रव को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से भी बुधवार को काफी सख्ती देखने को मिली। लुटियन जोन में जगह जगह पुलिस का पहरा दिखाई दिया। वहीं सुबह कनॉट प्लेस से मिंटो रोड को कुछ देर के लिए बंद किया गया लेकिन उसके बाद यातायात बहाल कर दिया। दिन भर अलग अलग इलाकों में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स की खास सतर्कता देखने को मिली। लाल किला परिसर में भी सुरक्षा जवानों की संख्या इस बार बीते मंगलवार की तुलना में अत्यधिक थी।
लाल किला 31 तक पर्यटकों के लिए बंद
मंगलवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद लाल किला पर्यटकों के लिए 31 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। एएसआई ने इस बाबत आदेश जारी किये हैं। हालांकि उन आदेशों में यह नहीं बताया गया है कि ऐसा क्यों किया गया है।