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23 घंटे रखा संक्रमित का शव : अस्पताल ने कही अपनी बात, परिजन बोले-बेकार की बात
Sun, 04 Apr 2021 05:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 04 Apr 2021 05:00 AM IST
सार
- दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल का मामला
- अस्पताल प्रबंधन ने बेबुनियाद बताए आरोप
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सेंट स्टीफन अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल में कोरोना मरीज की मौत के 23 घंटे बाद भी शव को परिजनों को न सौंपने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इलाज के पैसे नहीं चुका पाने के कारण अस्पताल प्रशासन शव नहीं दे रहा था। शहीद भगत सिंह संस्था की टीम के अस्पताल पहुंचने पर शव मिल सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
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सामाजिक संस्था शहीद भगत सिंह सेवा दल दल के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह (शंटी) ने बताया कि झिलमिल इलाके के रहने वाले इंद्रपाल सिंह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। 14 मार्च को उन्हें सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। आरोप है कि जब परिजन शव लेने के लिए गए तो अस्पताल प्रशासन ने कहा कि पहले मरीज के इलाज पर जो पैसा खर्च हुआ है उसका पूरा भुगतान करें।
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मृतक के परिजनों ने अस्पताल से शव देने की काफी गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। मृतक के दामाद ने मामले की जानकारी उनकी संस्था शहीद भगत सिंह सेवा दल को दी। संस्था के सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों को शव दिलवाया और उसका अंतिम संस्कार भी किया।
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इस बाबत अस्पताल के पीआरओ बलबीर सिंह ने कहा कि परिजनों और संस्था की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अस्पताल प्रशासन ने खुद फोन करके मृतक के परिजनों को शव ले जाने के लिए कहा था, लेकिन उस समय कोई नहीं आया। सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के हिसाब से ही मरीज का इलाज किया गया।
13 छात्र भी पॉजिटिव
सेंट स्टीफंस कॉलेज में 13 छात्रों के कोरोना पॉजीटिव आने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हो गया है। डीयू रजिस्ट्रार ने कोरोना बचाव को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अब किसी भी कार्यक्रम, सेमिनार आदि के आयोजन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
डीयू रजिस्ट्रार ने आर्ट फैकल्टी, साइंस फैकल्टी, हॉस्टल और हॉल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा कांफ्रेंस सेंटर व सेमिनार हाल में होने वाले आयोजनों को भी अगले आदेश तक रद कर दिया है। सभी छात्रों को सलाह दी गई है कि वह अपने घरों, हॉस्टल में ही रहें। लाइब्रेरी और लैब में भी न जाने की सलाह दी है।
कैंपस के सभी गेटों पर थर्मल स्कैनिंग होगी। छात्रों के मास्क तथा वैध प्रवेश पत्र जांचने के बाद ही अंदर आने की अनुमति मिलेगी। वहीं, अपने सभी कॉलेजों, विभागों को भी निर्देश दिया है कि वह कोरोना बचाव को लेकर जरूरी कदम उठाये।