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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- बोलने की स्वतंत्रता और देश की संप्रभुता के बीच संतुलन जरूरी

Sat, 20 Feb 2021 04:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 20 Feb 2021 04:57 AM IST
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Delhi News :Balance between freedom of speech and sovereignty of the country is necessary says delhi high court
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि लोगों के निजता के अधिकार व बोलने की स्वतंत्रता और देश की संप्रभुता व अखंडता के बीच संतुलन होना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं कि कंटेंट (सामग्री) के नियमन दुनिया भर में बेहद विवादित मुद्दा हैं और भारत भी अपवाद नहीं है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी टूलकिट मामले में गिरफ्तार पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की याचिका पर सुनवाई करते हुई की।

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याचिका में दिल्ली पुलिस को दिशा के खिलाफ दर्ज एफआईआर से संबंधित कोई भी जानकारी मीडिया समेत तीसरे पक्ष को लीक नहीं करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में मीडिया को उनकी व्हाट्सएप पर हुई बातचीत या अन्य चीजें प्रकाशित करने से रोकने का भी अनुरोध किया गया है।  
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जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा, दिशा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के बारे में मीडिया में आई कुछ खबरें सनसनीखेज और पूर्वाग्रह से ग्रसित रिपोर्टिंग की ओर इशारा करती है। इस तरह की समाचार सामग्री और दिल्ली पुलिस के ट्वीट को हटाने से संबंधित अंतरिम याचिका पर बाद में विचार किया जाएगा।
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हालांकि जस्टिस सिंह ने मीडिया संस्थानों से कहा कि लीक हुई जांच सामग्री को प्रसारित नहीं किया जाए क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह हलफनामे में दिए अपने रुख पर अमल करे कि उसने जांच संबंधी कोई जानकारी प्रेस को लीक नहीं की है और न ही उसका ऐसा कोई इरादा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च तय की है।  

केवल सत्यापित सामग्री प्रसारित करे मीडिया   
कोर्ट ने कहा कि टूलकिट मामले में पुलिस को कानून का और ऐसे मामलों की मीडिया कवरेज के सिलसिले में 2010 के एजेंसी के ज्ञापन का पालन करते हुए प्रेस ब्रीफिंग करने का अधिकार है। अदालत ने मीडिया प्रतिष्ठानों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि केवल सत्यापित सामग्री ही प्रकाशित की जाए और वह दिशा रवि के खिलाफ एफआईआर के सिलसिले में चल रही जांच बाधित न करें। 


दिशा रवि को तीन दिन की हिरासत में भेजा 
इस बीच, पटियाला हाउस कोर्ट ने दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पांच दिन की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को दिशा को एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन के समक्ष में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने कहा कि फिलहाल दिशा को हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है और मामले में सह आरोपी शांतनु मुलुक और निकित जैकब के जांच में शामिल होने के बाद तीनों को बैठाकर पूछताछ कर सकती है। दिशा रवि पूछताछ में आनाकानी कर रही थी और उसने पूरा दोष निकिता और शांतनु पर मढ़ने की कोशिश की। 

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