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Chinese Manjha : कितनों की जिंदगी की ‘डोर’ काटेगा चीनी मांझा, इसलिए बच जाते हैं 'मौत के सौदागर'

Sat, 13 Aug 2022 06:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 13 Aug 2022 06:33 AM IST
सार

Chinese Manjha : पुलिस चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन (धारा-188) का मामला दर्ज करती है। इन मामलों में आरोपियों पर बेहद कम जुर्माना लगाकर उनको छोड़ दिया जाता है। ऐसे में यह लोग दोबारा उसी धंधे को शुरू कर देते हैं।
 

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Delhi News : Accidents and deaths are happening continuously due to Chinese Manjha.
Chinese manjha - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

यदि आप दिल्ली की सड़कों पर दोपहिया वाहन लेकर निकले हैं तो सावधान हो जाएं। हम बात कर रहे हैं जानलेवा और प्रतिबंधित चीनी मांझे की। लगातार लोग चीनी मांझे की चपेट में आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को शास्त्री पार्क में कारोबारी विपिन कुमार की चीनी मांझे से गर्दन कटने पर मौत हो गई।

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पिछले दिनों बदरपुर के पास बाइक सवार जोमेटो के डिलीवरी ब्वॉय के पैरों में मांझा फंसने से वह हादसे का शिकार हो गया। हादसे में उसकी भी जान चली गई थी। जगतपुरी के डिस्यूज कैनाल रोड पर बाइक सवार एमबीए छात्र भी चीनी मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गया था। हैरानी की बात ये है कि पिछले पांच साल में दिल्ली पुलिस ने चीनी मांझे से हुए हादसों के मामले में महज 14 ही एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस आज तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2017 में एनजीटी के आदेश के बाद चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तब से लगातार पुलिस चीनी मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2017 से 31 जुलाई 2022 के बीच पुलिस ने चीनी मांझे के मामले में कुल 256 एफआईआर (14 हादसों की और बाकी चीनी मांझे का धंधा करने वालों के खिलाफ) दर्ज की हैं। इनमें महज 14 मामले ही चीनी मांझे से घायल होने या जान जाने के हैं। बाकी सभी 236 मामले चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि चीनी मांझे का धंधा करने वाले ज्यादातर लोग लचर कानून का फायदा उठाते हैं। 
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पुलिस चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन (धारा-188) का मामला दर्ज करती है। इन मामलों में आरोपियों पर बेहद कम जुर्माना लगाकर उनको छोड़ दिया जाता है। ऐसे में यह लोग दोबारा उसी धंधे को शुरू कर देते हैं।

चीनी मांझे का धंधा कर रहे लोगों के खिलाफ एक्शन मोड में पुलिस
दिल्ली पुलिस चीनी मांझे का धंधा कर रहे लोगों के खिलाफ एक्शन मोड में है। इस साल 31 जुलाई तक पुलिस 145 मामले दर्ज कर 140 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने इन लोगों के पास से 1,41,60 चरखी भी बरामद की हैं।

परिंदे भी होते हैं शिकार
चीनी मांझे का शिकार इंसान ही नहीं बल्कि परिंदे भी होते हैं। पूरे साल जुलाई, अगस्त और सितंबर में परिंदे मांझे का शिकार होकर या तो मर जाते हैं या फिर दमकल विभाग व दूसरी एनजीओ इनकी जान बचाते हैं। जुलाई 2022 की बात करें तो दमकल विभाग के पास पक्षियों को बचाने की 318 कॉल आईं। वर्ष 2021 के आंकड़ों पर गौर करें तो यह आंकड़े जुलाई में 445, अगस्त में 909 और सितंबर में 714 थे।

दूसरों की जान से खिलवाड़ करने वालों को पकड़ना मुश्किल 
सूत्र बताते हैं कि चीनी मांझे से हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ना बेहद मुश्किल है। पांच साल के बीच छह मौतों के मामलों में पुलिस आज तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हर साल कई लोग शिकार होते हैं, लेकिन मामले पुलिस को रिपोर्ट नहीं होते हैं। पुलिस रिकॉर्ड में महज छह लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने के मामले ही दर्ज हैं। पुलिस 10 मामलों को बंद करने की रिपोर्ट कोर्ट दाखिल कर चुकी है।


सख्त हो कार्रवाई, तो मांझा बिकने पर लगे लगाम
सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2017 में एनजीटी ने चीनी मांझे पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद कहा गया था कि चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट (पर्यावरण संरक्षण अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाए। यदि किसी के खिलाफ इस अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी तो उसे पांच साल की सजा या एक लाख जुर्माना हो सकता है। वर्ष 2017 से चीनी मांझे पर पाबंदी के बाद दिल्ली पुलिस ने 256 में से महज छह ही मामले पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किए हैं।

राजधानी में चीनी मांझे की मौत के कुछ मामले

  • 25 जुलाई 2022: उत्तर-पश्चिम जिले के मौर्या एन्क्लेव में चीनी मांझे की चपेट में आकर 32 वर्षीय सुमित रंगा की गर्दन कटने से मौत
  • 16 अगस्त 2021: बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में सौरभ दहिया नामक युवक की चीनी मांझे की चपेट में आने से मौत
  • 15 अगस्त 2021: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में चार साल की महज की मांझे की चपेट में आकर मौत हुई
  • 25 अगस्त 2019: खजूरी खास इलाके में सोनिया विहार निवासी चार साल की इशिका की चीनी मांझे की चपेट में आकर मौत
  • 15 अगस्त 2019: पश्चिम विहार में सिविल इंजीनियर मानवन शर्मा की चीनी मांझे की चपेट में आकर गर्दन कटी, मौत
  • 01 अप्रैल 2019: उत्तरी दिल्ली के तीमारपुर इलाके में रवि नामक युवक की चीनी मांझे की चपेट में आकर मौत
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