#LadengeCoronaSe : रामलीला मैदान में 15 दिन में बने 250 आईसीयू बेड आज हो जाएंगे चालू
- युद्धस्तर पर काम करने के लिए सीएम ने डॉक्टर, इंजीनियर और श्रमिकों को किया सलाम
- कहा- बाकी 250 बेड अगले दो दिनों में शुरू हो जाएंगे
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोकनायक अस्पताल से जुड़े रामलीला मैदान में बनाए गए 500 आईसीयू बेड का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 250 आईसीयू बेड शनिवार को शुरू हो जाएंगे, जबकि 250 और आईसीयू बेड अगले दो दिनों में शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, इंजीनियरों और श्रमिकों ने मिलकर युद्धस्तर पर 24 घंटे काम करके मात्र 15 दिनों के अंदर इस 500 आईसीयू बेड का निर्माण किया है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मैं अपने डॉक्टरों, इंजीनियरों और श्रमिकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने युद्धस्तर पर 24 घंटे काम किया और मात्र 15 दिनों के अंदर एलएनजेपी अस्पताल से संबद्ध रामलीला मैदान में यह 500 आईसीयू के बेड का निर्माण किया। 250 आईसीयू बेड कल शुरू हो रहे हैं, जबकि 250 और आईसीयू के बेड अगले दो दिनों में शुरू हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, इस वक्त दिल्ली में कोरोना की स्थिति में काफी सुधार हो रहा है। इसलिए अब अस्पतालों के अंदर बेड काफी खाली हो रहे हैं, लेकिन आईसीयू बेड उतने खाली नहीं हो रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कोरोना के गंभीर मरीज अभी ज्यादा हैं। अस्पतालों में आईसीयू बेड की अभी कमी है, लेकिन यह 1200 आईसीयू बेड आने के बाद मैं समझता हूं कि शायद अब आईसीयू बेड की कमी दूर हो जाएगी। ऑक्सीजन की कमी थी, सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालय और केंद्र सरकार ने मदद की।
मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी थी और उसमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और केंद्र सरकार ने हमारी मदद की। हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं। अब सबको मिलकर यह कोशिश करनी है कि किस तरह जल्दी से जल्दी लोग वैक्सीन की व्यवस्था करें और लाएं, ताकि लोगों को वैक्सीन लग सके।
सीएम ने मानाः संक्रमण दर में गिरावट, 10 दिन में तीन हजार बेड खाली
दिल्ली में गुजरे पंद्रह दिन कोरोना संक्रमण के लिहाज से काफी नाजुक रहे हैं। हालांकि, इस वक्त हालात में सुधार के संकते मिले हैं। 22 अप्रैल के 36 फीसदी की तुलना में इस वक्त संक्रमण दर 12 फीसदी के करीब पहुंच गई है। वहीं, दस दिनों के भीतर अस्पतालों में करीब तीन हजार बेड खाली हुए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि दिल्लीवासियों ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया। इसका नतीजा संक्रमण दर में गिरावट के तौर पर आया है।
अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीते 24 घंटे में दिल्ली में लगभग करीब 8,500 केस आए हैं। पिछले कई दिनों से दिल्ली में बहुत ज्यादा केस आ रहे थे। 20 अप्रैल को 28 हजार से भी ज्यादा केस आए थे। कई दिनों बाद पहली बार 10,000 से नीचे केस आए हैं। दिल्ली में संक्रमण दर भी कम हो गई है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण दर केवल 12 फीसदी रह गई है। जबकि 22 अप्रैल को यह आंकड़ा 36 फीसदी था।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संक्रमण दर कम होने से दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या भी कम हो गई है। पिछले 10 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के 3000 से ज्यादा मरीज कम हो गए हैं। अब कोविड मरीजों को दिल्ली के अस्पतालों में बेड मिलने में परेशानी नहीं हो रही है। हालांकि, अभी भी आईसीयू के बेड अभी भी भरे हुए हैं। गंभीर मरीजों की संख्या अभी ज्यादा कम नहीं हुई है। इस दिशा में सरकार काम कर रही है। करीब 1200 नए आईसीयू बेड बनकर तैयार हो गए हैं और अगले एक-दो दिन में चालू होने वाले हैं। इससे अपने दिल्लीवासियों को काफी राहत मिलेगी।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में जो केस कम हो रहे हैं, इसमें हर दिल्लीवासी का बहुत ज्यादा सहयोग रहा है। लॉकडाउन का दिल्लीवासियों ने उसमें पूरा सहयोग किया। सबने पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन किया। लेकिन लड़ाई अभी जीती नहीं गई है, लड़ाई अभी भी बाकी है। अभी भी 8,500 केस आए हैं, इनको जीरो तक लेकर जाना है। कोरोना को पूरी तरह से खत्म करना है। हम अगर अब ढीले पड़ गए, तो यह केस फिर बढ़ जाएंगे। इसीलिए किसी भी हालत में ढिलाई नहीं करनी है। हमें कड़ाई से लॉकडाउन का पालन करना है और कोरोना से बचने के जितने भी उपाय हैं, वह सारे लागू रखने हैं।