दिल्ली मेट्रो का पहला और देश का एकमात्र रिंग कॉरिडोर 2023 में होगा तैयार
- फेज-4 के तहत पिंक लाइन के दो छोर को जोड़ने के लिए चल रहा काम, मजलिस पार्क से जुड़ जाएगा मौजपुर मेट्रो स्टेशन
- दिल्ली मेट्रो की रिंग बनेगा देश का पहला सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर, 20 फीसदी काम हुआ पूरा, बनेंगे आठ स्टेशन
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दिल्ली मेट्रो का पहला और देश का इकलौता रिंग कॉरिडोर 2023 में तैयार हो जाएगा। फेज-4 के तहत दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन के दोनों छोर को जोड़ने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसके तैयार होने से बगैर मेट्रो बदले उसी स्टेशन पर पहुंचना संभव होगा, जिससे आपने अपने सफर की शुरुआत की है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इसका 20 फीसदी काम पूरा गया है। दो साल में इस पर मेट्रो चलने लगेगी। दिलचस्प यह कि यह देश का पहला सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर भी होगा। इसकी लंबाई 70 किमी होगी। शुक्रवार से इसी कॉरिडोर के त्रिलोकपुरी, संजय लेक-मयूर विहार-पॉकेट-1 पर मेट्रो चलने लगी है।
दरअसल, पिंक लाइन के दो छोर को जोड़ने के लिए मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच मेट्रो प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। कई जगहों पर पिलर लगाने सहित यमुना पर सिग्नेचर ब्रिज के पास पुल भी बन रहा है। यमुुना पर यह पांचवां पुल होगा, जिससे पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिल्ली के बड़े हिस्से में मेट्रो की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तैयार होने से मेट्रो की पहली रिंग पूरी हो जाएगी। जिस स्टेशन से आप यात्रा शुरू करेंगे, उसी स्टेशन में बगैर मेट्रो बदले पहुंचना संभव हो सकेगा।
मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि मजलिस पार्क-मौजपुर के बीच की लंबाई करीब 12.558 किलोमीटर है। इस पर आठ स्टेशन बनेंगे। इससे पिंक लाइन की लंबा 70 किमी से ज्यादा हो जाएगी। फेज-4 परियोजना के तहत निर्माण तेजी से चल रहा है, ताकि दो वर्ष में निर्माण कार्य को पूरा किया जा सके। कोरोना महामारी काल में विपरीत हालातों का सामना करते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की परियोजनाओं पर लगातार काम चल रहा है।
फेज-4 के कॉरिडोर पर होंगे आठ स्टेशन
पिंक लाइन के इस सेक्शन पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से गाजियाबाद, लोनी, मेरठ सहित आसपास के शहरों के लोगों के लिए भी दिल्ली के किसी कोने तक पहुंचना आसान हो गया है। मजलिस पार्क-मौजपुर के बीच आठ स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें भजनपुरा, यमुना विहार, खजूरी खास, सुरघाट, सोनिया विहार, जगतपुर गांव, झड़ौदा माजरा और बुराड़ी स्टेशन शामिल हैं।
मेट्रो की आठ लाइन से होगी इंटरचेंज की सुविधा
- रेड लाइन-नेताजी सुभाष प्लेस, वेलकम
- येलो लाइन-आईएनए, आजादपुर
- ब्लू लाइन-राजौरी गार्डन, मयूर विहार, फेज-1, आनंद विहार और कड़कड़डूमा
- ग्रीन लाइन-पंजाबी बाग वेस्ट
- वॉयलेट लाइन-वजीराबाद, सुरघाट और लाजपत नगर
- ऑरेंज लाइन-दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस
- मजेंटा लाइन-मजलिस पार्क, आजादपुर
- धौला कुआं से साउथ कैंपस को जोड़ने वाले फुटओवर ब्रिज के जरिये एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और पिंक लाइन के यात्रियों के लिए आवागमन सुलभ होगा।
पिंक लाइन को इसी साल किया जाएगा ड्राइवरलेस
पिछले साल मजेेंटा लाइन को ड्राइवरलेस किया गया था। इसके बाद पिंक कॉरिडोर के 59 किलोमीटर की लाइन को ड्राइवरलेंस में तब्दील करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए जरूरी बदलाव भी किए जा रहे हैं, ताकि देश के दूसरे ड्राइवरलेस कॉरिडोर पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा मिल सके। इसके बाद दिल्ली मेट्रो का करीब 96 किलोमीटर का दायरा ड्राइवरलेस हो जाएगा।
मजलिस पार्क से शिव विहार तक बिना बाधा का सफर
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिंक लाइन के त्रिलोकपुरी-मयूर विहार पाकेट वन के बीच नव निर्मित सेक्शन पर मेट्रो सेवाओं के उदघाटन के मौके पर कहा कि इससे उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बीच मेट्रो की निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घनी आबादी वाले पूर्वी दिल्ली के इस इलाके मेट्रो निर्माण की राह में कई तरह की दिक्कतें पेश आईं।
केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ तमाम एजेंसियों ने अड़चनों को दूर किया। पिंक लाइन के इस कारिडोर पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को शिव विहार से मजलिस पार्क तक सीधी मेट्रो की सुविधा मिलने लगी है। उदघाटन के मौके पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, भारत में जापान के कार्यवाहक राजदूत एंडो तोशीहिंदे, डीएमआरसी के एमडी डॉ. मंगू सिंह समेत गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुश्किलों से जूझते हुए आगे बढ़ती रही मेट्रो
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी दिल्लीवासियों के लिए खुशी का मौका है। इससे त्रिलोकपुरी, मयूर विहार क्षेत्र की घनी आबादी को दिल्ली के किसी भी हिस्से में पहुंचना आसान हो जाएगा। यह सेक्शन भले ही छोटा है, लेकिन बेहद अहम है। मुझे याद है कि इस क्षेत्र में मेट्रो निर्माण के दौरान काफी दिक्कतें आईं। बावजूद इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पिछले डेढ़ साल से कोरोना से जूझते हुए उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक रूप से भी नई परियोजनाओं पर निर्माण कार्य को जारी रखना एक चुनौती रही। लॉकडाउन के दौरान बंदिशों का पालन करते हुए मेट्रो के विस्तार का सिलसिला जारी रहा।
27 शहरों में 1,058 किलोमीटर के दायरे में किया जा रहा है मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) को बढ़ावा देने के लिए 27 शहरों में 1,058 किलोमीटर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर मयूर विहार पॉकेट 1 और त्रिलोकपुरी संजय लेक स्टेशनों के बीच करीब 289 मीटर के सेक्शन के उदघाटन के मौके पर ये बातें कही। केंद्रीय मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में गतिशीलता को बढ़ाते हुए मिसिंग लिंक(शेष हिस्से) पर तमाम रुकावटों और महामारी काल में बंदिशों के बीच इस सेक्शन पर मेट्रो का निर्माण पूरा कर लिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल देश के 18 शहरों में 721 किलोमीटर पर मेट्रो सेवाएं है जबकि 27 शहरों में 1,058 किलोमीटर के दायरे में निर्माणाधीन है। मंत्री ने कहा कि महामारी काल में भी सभी नियमों का पालन करते हुए डीएमआरसी ने निर्माण को पूरा किया। महामारी काल से पहले रोजाना करीब 65 लाख यात्री सफर कर रहे थे।
बस अड्डा और मार्केट तक पहुंच हुई आसान
इस सेक्शन पर मेट्रो परिचालन के शुरू होने से यात्रियों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आनंद विहार आईएसबीटी, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, साउथ एक्सटेंशन, आईएनए और लाजपत नगर सहित प्रमुख वाणिज्यिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
दो अलग कॉरिडोर में मिल रही थी सेवा
पिंक लाइन के लिंक होने से पूर्वी दिल्ली के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।त्रिलोकपुरी, संजय लेक-मयूर विहार(1)के बीच मेट्रो का निर्माण पूरा न होने की वजह से अब तक दो अलग अलग कॉरिडोर पर सेवाएं उपलब्ध थी। त्रिलोकपुरी-शिव विहार और मयूर विहार, पॉकेट-1 और मजलिस पार्क के बीच यात्रियों को मेट्रो में सफर का मौका मिल रहा था।
कोरोना के कारण कई बार मेट्रो सेवाएं की गईं स्थगित
पिछले साल अक्टूबर में इस सेक्शन पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने की उम्मीद थी। कोविड-19 महामारी के कारण के कारण इसमें देरी हुई। इसके बाद मार्च में सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया, फिर महामारी काल की बंदिशों के जून, जुलाई तक स्थगित करने के बाद आखिरकार शुक्रवार 3 बजे के बाद यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा की शुरुआत कर दी गई।
मेट्रो की राह की दूर हुई अड़चनें
मेट्रो के इस सेक्शन के निर्माण में 108 मकानों में रहने वालों को विस्थापित किया गया। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी के कारण इस सेक्शन पर निर्माण की राह में अड़चने महसूस की जा रही थी। विवाद खत्म होने के बाद मेट्रो सेक्शन का निर्माण पूरा करने के बाद त्रिलोकपुरी संजय झील स्टेशन एक टर्मिनल बन गया। इससे वक्त और परिवहन के मद में कम खर्च होगा।