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Delhi Mayor Election : पीठासीन अधिकारी का नाम आज हो सकता है तय, चुनाव 26 अप्रैल को
Mon, 24 Apr 2023 06:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 24 Apr 2023 06:54 AM IST
सार
दिल्ली सरकार की ओर से सुझाए गए मुकेश गोयल के नाम पर मुहर लगेगी या किसी और जिम्मेदारी दी जाती है, यह साफ हो जाएगा।
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विस्तार
पीठासीन अधिकारी का नाम सोमवार को उपराज्यपाल कार्यालय से तय हो सकता है। दिल्ली सरकार की ओर से सुझाए गए मुकेश गोयल के नाम पर मुहर लगेगी या किसी और जिम्मेदारी दी जाती है, यह साफ हो जाएगा।
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मेयर का चुनाव 26 अप्रैल को होना है। चुनाव से करीब 48 घंटे पहले निगम सदस्यों और चुनाव में भाग लेने वाले सांसदों व विधायकों को इसकी लिखित में अधिसूचना जारी करने का प्रावधान है। उम्मीद है इससे पहले पीठासीन अधिकारी का नाम तय हो जाएगा।
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निगम अधिनियम 1957 की धारा-77ए के तहत मेयर, डिप्टी मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी चुनने का अधिकार उपराज्यपाल का है। वे किसी भी पार्षद को विवेक के आधार पर पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर सकते हैं। केवल वह चुनाव का प्रत्याशी नहीं होना चाहिए। अभी तक यह परिपाटी रही है कि उपराज्यपाल की तरफ से किसी अनुभवी या वरिष्ठ पार्षद को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया जाता है।
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मुकेश पहले भी बनाए गए हैं पीठासीन अधिकारी
इससे पहले कांग्रेस दल के नेता रहे मुकेश गोयल को 2021 में मेयर चुनाव के दौरान एलजी की ओर से पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन मेयर के पिछले चुनाव के लिए जब दिल्ली के शहरी विकास विभाग ने मुकेश गोयल का नाम पीठासीन अधिकारी के लिए भेजा तो उपराज्यपाल ने उनके खिलाफ मुaकदमा दर्ज होने की बात कहते हुए चयन नहीं किया था।
कई पार्षद अधिकारी बनने की रेस में
कई वरिष्ठ पार्षद पीठासीन अधिकारी बनने की रेस में हैं। इनमें सत्या शर्मा, नीमा भगत, कमलजीत सहरावत आदि के नाम की चर्चा है। भाजपा के पार्षदों की मानें तो उपराज्यपाल विनय सक्सेना जिसे चाहें उसे पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर सकते हैं। कानूनी रूप से उन्हें ये अधिकार है।