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Delhi Jahangirpuri Violence: जहांगीरपुरी में तनावपूर्ण शांति, हिंसा के आरोप में 21 गिरफ्तार, आठ पुलिसकर्मियों समेत नौ घायल

Mon, 18 Apr 2022 01:26 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 18 Apr 2022 01:26 AM IST
सार

पुलिस ने रविवार को 14 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से 12 को जेल भेज दिया, जबकि अंसार और गोली चलाने का आरोपी असलम पुलिस कस्टडी में है। इलाके में फिलहाल तनावपूर्ण शांति का माहौल है। गृह मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर सीआरपीएफ और आरएएफ की पांच और कंपनियां भेजी हैं।

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Delhi Jahangirpuri Violence: Tension prevails in Jahangirpuri 21 arrested for rioting nine injured including eight policemen
दिल्ली के जहांगीरपुरी में बवाल - फोटो : ANI

विस्तार

जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव पर शनिवार शाम शोभायात्रा पर पथराव के बाद भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अंसार समेत 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा 2 नाबालिग भी पकड़े गए हैं। करीब 21 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ एवं आरएएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी हैं।

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पुलिस ने रविवार को 14 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से 12 को जेल भेज दिया, जबकि अंसार और गोली चलाने का आरोपी असलम पुलिस कस्टडी में है। इलाके में फिलहाल तनावपूर्ण शांति का माहौल है। गृह मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर सीआरपीएफ और आरएएफ की पांच और कंपनियां भेजी हैं। दिल्ली पुलिस ने पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
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अमन कमेटियों से की जा रही है बातचीत

उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि हिंसा के दौरान पुलिस के आठ जवानों समेत नौ लोग जख्मी हुए थे। इनमें एक एसआई के हाथ में गोली लगी थी। रविवार को कुछ नए वीडियो सामने आए, जिनके आधार पर छानबीन की जा रही है। अमन कमेटियों से बात कर माहौल को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक (स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर) रविवार को दिनभर मौके पर डटे रहे। उन्होंने बताया कि इलाके में पूरी तरह से शांति है और बलवा करने वालों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वीडियो को कब्जे में लिया है। इन्हीं वीडियो के आधार पर गिरफ्तारियां की गईं हैं।

शोभायात्रा में शामिल लोगों से बहस के बाद बिगड़ी बात

पूछताछ में पता चला है कि अंसार और उसके साथियों ने शोभायात्रा निकाल रहे लोगों से बहस की। इसके बाद बात बढ़ी तो पथराव हो गया। कुछ लोगों ने गोलियां भी चलाईं। हालात बिगड़े तो पुलिस को 40 से 50 आंसू गैस के गोले चलाकर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। करीब 45 मिनट से एक घंटे के बीच भीड़ ने खूब बवाल काटा।

संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा 

जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद से राजधानी अलर्ट मोड पर है। सभी संवदेनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। हर जिले में पुलिस उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमन कमेटियों के साथ बैठक कर लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं। जमीयत-उलमा-ए-हिंद के लोग भी जहांगीरपुरी पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर शांति बनाए रखने की अपील की।

इन लोगों की गिरफ्तारी

पुलिस ने जहांगीरपुरी निवासी जाहिद (22), अंसार (35), शहजाद (33), सलीम उर्फ चिकना (36), मुख्तियार अली (28), आमिर (22), अकसर (26), नूर आलम (28), मोहम्मद असलम (22),जाकिर (22), अकरम (22), इम्तियाज (29), मोहम्मद अल (27), आहिर (35), मोहम्मद अली सेख (22), शेख सौरभ (42), सुकेन के पुत्र सूरज (21) व नीरज (19), सुकेन (45), सुरेश (43) व सुजीत सरकार (28) को गिरफ्तार किया है। दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में से चार एक ही परिवार के हैं। पुलिस ने असलम व एक आरोपी को पिस्टल समेत दबोचा है। सभी आरोपी जहांगीरपुरी के अलग-अलग ब्लॉक के रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ बलवा करने, सरकारी काम में बाधा, ड्यूटी के दौरान हमला, मारपीट, आगजनी, जानलेवा हमला, आपराधिक षड्यंत्र और ऑर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया है।

असलम सीएए विरोधी दंगों में भी नामजद

जहांगीरपुरी हिंसा के दौरान गोली चलाने वाले असलम के खिलाफ वर्ष 2020 में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा में भी केस दर्ज हुआ था। असलम एक वीडियो में देखा गया है।

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संवदेनशील इलाकों में ड्रोन से रखी जा रही है नजर

शनिवार शाम को जहांगीरपुरी में हिंसा के बाद रविवार को दिल्ली का माहौल तो शांत रहा। मगर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड़ पर थी। संवेदनशील जगहों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। ड्रोन के जरिए छतों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। दिल्ली पुलिस के कई जिलों में धार्मिक स्थलों के पास सुरक्षा को कड़ा करने और विशेष नजर रखने की हिदायतें दी गई थी।

जहांगीरपुरी में शोभा यात्रा पर पथराव के बाद भड़की हिंसा के बाद दिल्ली का माहौल रविवार को शांतिपूर्ण रहा है। हालांकि दिल्ली में तनाव का माहौल जरूर था। ऐसे में दिल्ली कहीं पर भी सुरक्षा व्यवस्था में कोर-कसर नहीं छोडना चहाती थी। दिल्ली में शनिवार रात से संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया। रविवार को इस सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया था। दिल्ली पुलिस जगह-जगह यानि अति संवेदनशील जगहों पर असौला, जामिया नगर, सीमा पुरी, जगतपुरी, जेएनयू व उत्तर-पूर्व में हुए दिल्ली वाली जगहों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। इन जगहों पर ड्रोन उड़ाकर इलाके पर नजर रखी गई थी। साथ ही ये देखा गया कि लोगों ने छत आदि जगहों पर तो पत्थर व बोतलें आदि तो एकत्रित नहीं कर रखी हैं।

रविवार को अति संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स को लगाया गया था। दिल्ली के ज्यादातर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल मार्च कर रही थीं। लोगों को कहीं पर एक जगह एकत्रित नहीं होने दिया जा रहा था। जहां भी लोग एकत्रित होते थे पुलिस उन्हें वहां तितर-बितर कर देती थी। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने सभी पुलिस बल को सड़कों पर रहने के आदेश दिए गए थे।

घायल इंस्पेक्टर ने बताया- शोभायात्रा में शामिल लोगों से बहस के बाद भड़की हिंसा

शाम करीब छह बजे जैसे ही शोभायात्रा सी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी स्थित मस्जिद के पास पहुंची तो अंसार नाम का शख्स चार-पांच साथियों के साथ आया और शोभायात्रा में शामिल लोगों से बहस करने लगा। यहीं से बात बिगड़ी और दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया था। इसके बाद भगदड़ मच गई थी। देखते ही देखते शांतिपूर्ण माहौल हिंसा में बदल गया। शोभायात्रा के साथ चल रहे इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने यह बात पुलिस को दी रिपोर्ट में बताई है।

हिंसा में घायल व जहांगीरपुरी में तफ्तीश इंस्पेक्टर के रूप में तैनात इंस्पेक्टर राजीव रंजन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि शोभा यात्रा ई-ब्लॉक जहांगीरपुरी से शाम 4.15 बजे शुरू हुई और मंगल बाजार रोड, महिंद्रा पार्क में समाप्त होनी थी। शोभायात्रा शांतिपूर्ण चल रही थी। दो घंटे तक सब कुछ शांतिपूर्ण चलता रहा। करीब छह बजे शोभायात्रा सी-ब्लॅाक जामा मस्जिद के पास पहुंची तो अंसार नाम का शख्स चार-पांच साथियों के साथ आया और शोभायात्रा में शामिल लोगों से बहस करने लग गया।

उन्होंने बताया कि पथराव रोकने के लिए व शांति बनाए रखने की अपील करते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर अलग कर दिया गया। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद दोनों ही पक्षों की ओर से नारेबाजी व पथराव शुरू हो गया। माहौल ज्यादा खराब होने पर कंट्रोल रूम को सूचना देकर और पुलिस बल मौके पर बुलाया।

आंसू गैस के गोले छोड़कर हालत काबू किए

एफआईआर में बताया है कि पुलिस की लगातार अपील के बाद भी एक पक्ष पत्थरबाजी करता रहा। पुलिस ने 40-50 आंसू गैस के गोले दागे, ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव किया। थाना जहांगीरपुरी के एसआई मेदालाल के बाएं हाथ में गोली लगी। उपद्रव कर रहे लोगों ने एक स्कूटी में आग लगा दी और चार-पांच गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।

मौके पर मिले पत्थर, बोतलें और क्षतिग्रस्त वाहन

जांच अधिकारी जहांगीरपुरी थाने के सब-इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां पत्थर, टूटी बोतलें और क्षतिग्रस्त वाहन पड़े थे। लोगों से पूछताछ में पता लगा कि बवाल में कई लोग घायल हुए हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।

गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश- दंगाइयों पर हो सख्त कार्रवाई

जहांगीपुरी इलाके में शनिवार को हुई हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यहीं वजह है कि हालात काबू  करने के बाद पुलिस दंगाइयों की धरपकड़ में जुट गई।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा की जांच की तरह ही जहांगीरपुरी मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने वैज्ञानिक सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज के अलावा, मोबाइल से बनाए गए वीडियो, फोटो, मोबाइल डंप डाटा समेत दूसरे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा  रहे हैं। इसके बाद आरोपियों की पहचान के लिए फेस रिकॉग्निशन तकनीक का सहारा लिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जहांगीरपुरी हिंसा के पीछे चाहे किसी की भी साजिश हो उसको छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस की अलग-अलग टीमें सबूत जुटा रही हैं। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस और स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच की टीमें सहयोग कर रही हैं। बवाल के दौरान देखा कि गया कि दोनों ओर से पथराव करने के अलावा बोतलें फेंकी गईं। कुछ शरारती तत्वों ने गोलीबारी भी की। ये लोग वीडियो ओर सीसीटीवी में कैद हुए हैं।

पुलिस इनको सलाखों के पीछे पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चेहरा पहचानने की तकनीक के जरिये आरोपियों की पहचान कर उन तक पहुंचा जाएगा। आरोपियों को सजा दिलवाने में यह वैज्ञानिक तकनीक बेहद अहम रोल अदा करेगी। डंप डाट के आधार पर कौन-कौन लोग हिंसा के समय मौके पर थे, उनका भी पता किया जाएगा।
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